गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत की पैक्स सिलिका पहल की सराहना की, डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए 15 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा
गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने भारत द्वारा पैक्स सिलिका पहल में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस कदम को भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। यह पहल आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित बनाने और उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में पिचाई ने कहा कि दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एक नए युग में प्रवेश कर रही है, और ऐसे समय में देशों का मिलकर काम करना आवश्यक है ताकि एआई के लाभ हर व्यक्ति तक पहुंच सकें।
भारत में एआई को बढ़ावा देने के लिए गूगल की रणनीति
सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल भारत में एआई को सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयासरत है। कंपनी भारतीय उपयोगकर्ताओं और व्यवसायों के लिए विशेष एआई उत्पाद और समाधान विकसित कर रही है, जिससे देश के डेवलपर्स और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है। गूगल सरकार के साथ मिलकर कई उपयोगी एआई परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है। इनमें प्रमुख हैं:
- किसानों को मानसून की सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना
- स्वास्थ्य कर्मियों को बीमारियों की पहचान करने में सहायता करना
- अधिक भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना
भारत में गूगल के एआई उपयोग में तेजी
गूगल के कई एआई फीचर्स भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। स्कैम डिटेक्शन जैसी सुविधाओं का सबसे अधिक उपयोग भारत में ही देखने को मिल रहा है। जेमिनी ऐप भारत की 10 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस तकनीक का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही, यू-ट्यूब भारतीय क्रिएटर्स को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
एक करोड़ भारतीयों को एआई कौशल सिखाने का लक्ष्य
गूगल भारत में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रहा है। कंपनी ने एक करोड़ भारतीयों को एआई कौशल सिखाने का लक्ष्य रखा है, ताकि वे भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। इस दिशा में गूगल, वाधवानी एआई के साथ साझेदारी करके छात्रों और नौकरी की शुरुआत करने वाले युवाओं को एआई सर्टिफिकेट प्रदान कर रहा है।
भारत में 15 अरब डॉलर का निवेश और नया एआई हब
गूगल ने भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए 15 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इस निवेश के तहत विशाखापत्तनम में एक बड़ा एआई हब स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना से कई लाभ होने की उम्मीद है:
- नए रोजगार के अवसरों का सृजन
- कंपनियों को नवीनतम एआई तकनीकों का लाभ उठाने में मदद
- भारत के डिजिटल सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाना
भारत और अमेरिका के बीच डिजिटल संपर्क को मजबूती
गूगल ने इंडिया-अमेरिका कनेक्ट पहल की भी घोषणा की है। इसके तहत समुद्र के नीचे फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाकर भारत और अमेरिका के बीच डेटा कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाएगा। इससे डेटा साझा करना आसान होगा और दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को नया आयाम मिलेगा।
पैक्स सिलिका पहल का महत्व
पैक्स सिलिका अमेरिका की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य एआई और प्रौद्योगिकी से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित बनाना है। इसका मुख्य उद्देश्य देशों के बीच विश्वसनीय तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। यह पहल एआई को भविष्य की आर्थिक प्रगति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानती है।
भारत का एआई के क्षेत्र में तेजी से विकास
सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत का एआई के क्षेत्र में भविष्य बहुत उज्ज्वल है। देश के पास बड़ी संख्या में डेवलपर्स, मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा और तेजी से बढ़ती तकनीकी क्षमता है। पैक्स सिलिका पहल में शामिल होना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश को प्रौद्योगिकी, रोजगार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है।