गूगल का सख्त रुख: बैक बटन हाईजैकिंग पर लगाम, 15 जून से लागू होगा नया नियम

इंटरनेट ब्राउज़ करते समय कई बार ऐसा अनुभव होता है कि बैक बटन दबाने के बाद भी पिछले पेज पर नहीं पहुंचा जा सकता। इसके बजाय, उपयोगकर्ता उसी वेबसाइट के किसी दूसरे पेज पर चले जाते हैं या अनचाहे विज्ञापनों और पॉप-अप से घिर जाते हैं। इस भ्रामक प्रथा को ‘बैक बटन हाईजैकिंग’ कहा जाता है, और अब गूगल ने इसे गंभीरता से लेते हुए इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है।

क्या है बैक बटन हाईजैकिंग?

बैक बटन हाईजैकिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें वेबसाइटें उपयोगकर्ता के ब्राउज़र के बैक बटन को नियंत्रित करने का प्रयास करती हैं। जब कोई व्यक्ति बैक बटन दबाता है, तो उसे पिछले पृष्ठ पर जाने के बजाय किसी अन्य पेज पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है। कई बार बार-बार विज्ञापन या पॉप-अप दिखाकर उपयोगकर्ता को साइट पर रोके रखने की कोशिश की जाती है। गूगल इसे एक दुर्भावनापूर्ण और धोखाधड़ी वाली प्रथा मानता है, जो उपयोगकर्ता की ब्राउज़िंग स्वतंत्रता में बाधा डालती है।

गूगल का निर्णय क्यों जरूरी था?

गूगल का मानना है कि उपयोगकर्ता अनुभव सर्वोपरि है। बैक बटन हाईजैकिंग न केवल उपयोगकर्ता की अपेक्षाओं को तोड़ता है, बल्कि उन्हें फंसा हुआ महसूस कराता है। यह प्रथा उपयोगकर्ता की निजता और सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती है। जब उपयोगकर्ता किसी साइट पर जाने का निर्णय लेता है, तो उसे वापस जाने का पूरा अधिकार होना चाहिए। इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए गूगल ने इस प्रथा को स्पैम श्रेणी में डालने का फैसला किया है।

नए नियम का प्रभाव: क्या होगा उल्लंघन करने वाली वेबसाइटों का?

गूगल ने स्पष्ट किया है कि 15 जून 2026 के बाद बैक बटन हाईजैकिंग करने वाली वेबसाइटों के लिए परिणाम गंभीर होंगे। ऐसी साइटों की सर्च रैंकिंग गिर सकती है, जिससे उनकी ऑनलाइन दृश्यता और ट्रैफिक पर सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा, गूगल मैन्युअल स्पैम एक्शन भी लागू कर सकता है, जिससे वेबसाइट को सर्च रिजल्ट से पूरी तरह हटाया जा सकता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि केवल वही वेबसाइटें शीर्ष पर रहें जो उपयोगकर्ताओं के साथ ईमानदारी से पेश आती हैं।

वेबसाइट मालिकों के लिए दिशानिर्देश

गूगल ने वेबसाइट मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे कोई भी ऐसी स्क्रिप्ट या तकनीक का उपयोग न करें जो बैक बटन को ब्लॉक या रीडायरेक्ट करती हो। उपयोगकर्ताओं को सामान्य तरीके से ब्राउज़ करने देना चाहिए और ब्राउज़र हिस्ट्री में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से बचना चाहिए। कोई भी भ्रामक तरीका अपनाने से बचना चाहिए, क्योंकि अब गूगल ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा।

उपयोगकर्ताओं को कैसे मिलेगा लाभ?

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ आम उपयोगकर्ताओं को मिलेगा। बैक बटन हाईजैकिंग पर रोक लगने के बाद ब्राउज़िंग अधिक सहज और पारदर्शी हो जाएगी। उपयोगकर्ता बिना किसी रुकावट के अपनी पसंद के अनुसार वेबसाइटों पर नेविगेट कर सकेंगे। अनचाहे पेजों और विज्ञापनों से राहत मिलेगी, जिससे इंटरनेट का अनुभव अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित हो जाएगा। यह कदम डिजिटल दुनिया में उपयोगकर्ता की स्वतंत्रता और सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।