GenZ में 16 साल पुराने iPhone 4 का क्रेज: क्यों खरीद रहे हैं युवा, सुरक्षा विशेषज्ञ चिंतित
आधुनिक स्मार्टफोन के अत्याधुनिक फीचर्स और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन से ऊब चुके युवाओं का एक वर्ग अब पुराने जमाने के फोन की ओर लौट रहा है। 2010 में लॉन्च हुआ iPhone 4 एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। यह ट्रेंड इस फोन की ताकत या प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि इसकी सादगी और सीमित सुविधाओं के कारण लोकप्रिय हो रहा है।
पुराने फोन की तस्वीरों में ‘असली एहसास’
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स iPhone 4 से ली गई तस्वीरों को नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन की तस्वीरों से तुलना कर रहे हैं। जहां नए फोन अल्ट्रा-क्लियर और शार्प फोटो देते हैं, वहीं iPhone 4 की तस्वीरें थोड़ी धुंधली और दानेदार होती हैं। यूजर्स के अनुसार, इन तस्वीरों में एक अलग तरह की भावना और वास्तविकता झलकती है। कुछ लोग तो इस पुराने फोन को ‘नया डिजिटल कैमरा’ कहने लगे हैं।
बाजार में जबरदस्त उछाल
इस नॉस्टैल्जिया का असर बाजार पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। गूगल ट्रेंड्स के अनुसार, iPhone 4 खरीदने के लिए सर्च में लगभग 1,000 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर यह फोन काफी ऊंची कीमतों पर बिक रहा है। विशेष रूप से वे फोन जो अपनी मूल पैकेजिंग में हैं, उनकी कीमत आसमान छू रही है।
सुरक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी
हालांकि, विशेषज्ञ इस ट्रेंड को लेकर गंभीर चेतावनी दे रहे हैं। एक टेक रिसाइक्लिंग प्लेटफॉर्म के अधिकारी के अनुसार, पुराने फोन का इस्तेमाल सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा हो सकता है। उनका कहना है कि iPhone 4 चालू करते ही यूजर्स को यह मान लेना चाहिए कि उनका डेटा पूरी तरह से असुरक्षित है।
इस डिवाइस पर किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी डालने या किसी ऐप में लॉगिन करने से बचना चाहिए। iPhone 4 केवल iOS 7.1.2 तक सपोर्ट करता है, जो 2014 में जारी हुआ था। इसका मतलब है कि पिछले एक दशक से अधिक समय से इस फोन में कोई सुरक्षा अपडेट नहीं आया है।
पुराने फोन से जुड़े खतरे
Apple आमतौर पर किसी डिवाइस की बिक्री बंद होने के लगभग सात साल बाद उसे ‘बेकार’ घोषित कर देता है। ऐसे उत्पादों को कंपनी की ओर से कोई सपोर्ट नहीं मिलता, न ही मरम्मत या स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई इस फोन का उपयोग कर रहा है, तो उसे इससे जुड़े जोखिमों को समझना बेहद आवश्यक है।
- पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में सुरक्षा पैच नहीं आते, जिससे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है।
- आधुनिक ऐप्स और सेवाएं इतने पुराने सॉफ्टवेयर पर काम नहीं करतीं।
- बैटरी और हार्डवेयर खराब होने पर रिपेयर के विकल्प सीमित हैं।
युवाओं में पुराने फोन के प्रति बढ़ता यह क्रेज भले ही नॉस्टैल्जिया और सादगी की तलाश से प्रेरित हो, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ इसे एक खतरनाक ट्रेंड मान रहे हैं। उनका सुझाव है कि इस फोन का उपयोग केवल सीमित और गैर-संवेदनशील कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए।