फ्रांस में X के कार्यालयों पर छापा: बाल अश्लीलता और डीपफेक के आरोपों की जांच तेज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फ्रांस में एक गंभीर कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पेरिस में सरकारी एजेंसियों ने मंगलवार को कंपनी के कार्यालयों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बाल अश्लील सामग्री, डीपफेक वीडियो और एल्गोरिदम से जुड़ी शिकायतों की प्रारंभिक जांच के तहत की गई है।
जांच की शुरुआत और दायरा
पेरिस अभियोजक कार्यालय के अनुसार, यह जांच पिछले साल जनवरी में साइबर अपराध इकाई द्वारा शुरू की गई थी। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि क्या प्लेटफॉर्म ने नाबालिगों से संबंधित अश्लील सामग्री और यौन रूप से आपत्तिजनक डीपफेक कंटेंट के प्रसार में कोई भूमिका निभाई है। जांच का दायरा काफी व्यापक है, जिसमें मानवता के खिलाफ अपराधों को नकारने वाली सामग्री और ऑटोमेटेड डेटा सिस्टम से छेड़छाड़ के आरोप भी शामिल हैं।
एलन मस्क और पूर्व सीईओ को समन
इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अभियोजकों ने X के मालिक एलन मस्क और पूर्व सीईओ लिंडा याकारिनो से पूछताछ करने का फैसला किया है। दोनों को 20 अप्रैल को स्वैच्छिक साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म के कुछ कर्मचारियों को भी उसी सप्ताह गवाह के रूप में पेश होने के लिए समन भेजा गया है। फिलहाल, कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
AI चैटबॉट Grok पर भी उठे सवाल
जांच की शुरुआत एक फ्रांसीसी सांसद की शिकायत के बाद हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि X के एल्गोरिदम पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहे हैं। बाद में जांच का दायरा तब और बढ़ा जब रिपोर्ट सामने आई कि प्लेटफॉर्म के AI चैटबॉट Grok पर होलोकॉस्ट से इनकार करने और अश्लील डीपफेक कंटेंट फैलाने के आरोप लगे हैं। अभियोजकों का कहना है कि इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फ्रांस में काम करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म देश के कानूनों का पालन करें।
किन बिंदुओं पर हो रही है जांच?
- बाल अश्लील सामग्री के प्रसार में प्लेटफॉर्म की भूमिका
- यौन रूप से आपत्तिजनक डीपफेक वीडियो का वितरण
- एल्गोरिदम में गड़बड़ी और पक्षपातपूर्ण कामकाज
- मानवता के खिलाफ अपराधों को नकारने वाली सामग्री की अनुमति देना
- AI चैटबॉट Grok के माध्यम से आपत्तिजनक कंटेंट का सृजन
पेरिस अभियोजक कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है। फिलहाल, यह मामला फ्रांस में डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर एक बड़ी बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में इस जांच से और भी कई अहम खुलासे होने की संभावना है।