एलन मस्क ने SEC से सुलह की, साढ़े सात साल पुराना विवाद हुआ खत्म
दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में शुमार एलन मस्क ने अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी (प्रतिभूति और विनिमय आयोग) के साथ लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद को सुलझाने के लिए लगभग 1.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरने पर अपनी सहमति दे दी है। यह जानकारी हाल ही में दायर एक कानूनी दस्तावेज में सामने आई है। इस समझौते के साथ ही वर्ष 2018 से जारी यह कानूनी लड़ाई समाप्त होने की राह पर है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला साल 2022 में ट्विटर (जिसे अब एक्स के नाम से जाना जाता है) में मस्क द्वारा शेयर खरीदने से जुड़ा है। एसईसी का आरोप है कि मस्क ने मार्च 2022 के अंत और अप्रैल 2022 की शुरुआत में ट्विटर में अपनी 5 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी होने की जानकारी समय पर सार्वजनिक नहीं की। नियमों के अनुसार, यह जानकारी 10 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होता है, लेकिन मस्क ने इसमें 11 दिनों की देरी की।
नियामक का कहना है कि इस देरी का फायदा उठाते हुए मस्क ने कम कीमतों पर 500 मिलियन डॉलर से अधिक के शेयर खरीद लिए। बाद में जब उन्होंने अपनी 9.2 प्रतिशत हिस्सेदारी का खुलासा किया, तब तक शेयरों की कीमतें बढ़ चुकी थीं। एसईसी का तर्क था कि इस देरी से उन निवेशकों को नुकसान हुआ जिन्होंने उस दौरान ट्विटर के शेयर बेचे थे।
मस्क का पक्ष और जुर्माने की राशि
अपनी सफाई में एलन मस्क ने इस देरी को एक अनजाने में हुई गलती बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसईसी उन्हें जानबूझकर निशाना बना रहा है और यह कार्रवाई उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। हालांकि, अब इस मामले को सुलझाने के लिए वह 1.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरने को तैयार हो गए हैं। यह राशि उस 150 मिलियन डॉलर से काफी कम है, जिसकी मांग एसईसी ने शुरुआत में की थी।
मस्क के वकील एलेक्स स्पिरो ने इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह से सुलझ गया है और उनके मुवक्किल को वही क्लीन चिट मिली है, जिसकी उन्होंने शुरू से उम्मीद की थी। उन्होंने कहा कि मस्क ने ट्विटर अधिग्रहण से जुड़ी सभी देरी के आरोपों से खुद को मुक्त कर लिया है।
यह पहला मामला नहीं है
यह पहली बार नहीं है जब एलन मस्क एसईसी के साथ कानूनी उलझन में फंसे हैं। इससे पहले 2018 में मस्क ने एक ट्वीट में दावा किया था कि उन्होंने टेस्ला को निजी कंपनी बनाने के लिए ‘फंडिंग सुरक्षित’ कर ली है। इस ट्वीट को भ्रामक बताते हुए एसईसी ने उन पर सिक्योरिटीज धोखाधड़ी का मुकदमा दायर किया था। उस मामले को सुलझाने के लिए मस्क को 20 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा था और उन्हें टेस्ला के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना पड़ा था। साथ ही, यह शर्त भी लगाई गई थी कि भविष्य में उनके कुछ ट्वीट्स की पहले कंपनी के वकीलों द्वारा समीक्षा की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय और उठ रहे सवाल
इस जुर्माने की राशि को लेकर विशेषज्ञों की मिली-जुली राय है। कुछ कानूनी जानकारों का मानना है कि एलन मस्क जैसे अरबपति के लिए 1.5 मिलियन डॉलर बहुत मामूली राशि है। उनका कहना है कि यह जुर्माना मस्क के लिए कोई बड़ी चेतावनी साबित नहीं होगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यह समझौता बाजार को एक संदेश देता है कि नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है, चाहे वह कोई भी हो।
दूसरी ओर, इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। पूर्व एसईसी अध्यक्ष गैरी जेन्सलर की पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ अमांडा फिशर ने इस समझौते को ‘एसईसी के लिए एक शर्मनाक दिन’ बताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नियामक आम निवेशकों के हितों को दरकिनार कर शक्तिशाली लोगों को बचाने का काम कर रहा है। इस समझौते को अभी अदालत की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है, जिसके बाद ही यह कानूनी रूप से पूरी तरह प्रभावी हो पाएगा।