बिजली बिल अपडेट के नाम पर साइबर ठगी: बुलंदशहर जैसा स्कैम कहीं आपको भी न कर दे निशाना
देशभर में तकनीकी सुविधाओं के साथ-साथ साइबर अपराध के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। हाल ही में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर एक नई ठगी का तरीका सामने आया है, जिसमें जालसाज लोगों को बिजली कटने की धमकी देकर उनके बैंक खातों को खाली कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में इस तरह का एक मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को ऊर्जा निगम का कर्मचारी बताकर लोगों को अपना शिकार बनाया।
कैसे काम करता है यह नया स्कैम?
साइबर ठग पीड़ितों को फोन करते हैं और खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताते हैं। वे दावा करते हैं कि पिछले महीने का बिजली बिल सिस्टम में अपडेट नहीं हुआ है, जिसके कारण तुरंत बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। बाद में वे बिल अपडेट करने के लिए एक लिंक भेजते हैं, जिसे खोलने पर एक फर्जी एप्लिकेशन अपने आप मोबाइल में इंस्टॉल हो जाती है। यह एप पीड़ित के फोन की निजी जानकारी, बैंक डिटेल और ओटीपी चुरा लेती है, जिससे ठगी को अंजाम दिया जाता है।
किसी भी सरकारी कर्मचारी का यह तरीका नहीं
यह समझना जरूरी है कि किसी भी ऊर्जा निगम का कोई कर्मचारी कभी भी उपभोक्ताओं को फोन करके बिल अपडेट करने के लिए लिंक या मैसेज नहीं भेजता। बिजली विभाग द्वारा सभी जानकारी केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही दी जाती है। अगर आपको ऐसा कोई कॉल या संदेश मिलता है, तो यह पूरी तरह से एक साइबर धोखाधड़ी है। जागरूक उपभोक्ता इस तरह के झांसे में नहीं आ रहे हैं, लेकिन फिर भी सावधानी बरतना जरूरी है।
प्रीपेड मीटर उपभोक्ता इन बातों का रखें ध्यान
- प्रीपेड बिजली मीटर का रिचार्ज केवल आधिकारिक एप या वेबसाइट के माध्यम से ही करें। किसी तीसरे पक्ष के लिंक या अनजान नंबर से आए ऑफर पर भरोसा न करें।
- बिजली कटने की धमकी देने वाला कोई भी कॉल या मैसेज संदिग्ध है। ऊर्जा निगम कभी भी फोन पर ऐसी धमकी नहीं देता।
- सरकारी कर्मचारी कभी भी आपसे फोन पर बैंक खाता नंबर, फोन नंबर, ईमेल या ओटीपी जैसी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगते। ऐसी कोई भी जानकारी साझा करने से बचें।
- मोबाइल या व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। यह आपके डिवाइस को हैक करने का एक तरीका हो सकता है।
- बिजली बिल भरने के लिए केवल अधिकृत जन सेवा केंद्रों, आधिकारिक एप और विभागीय वेबसाइट का ही उपयोग करें।
अगर आप ठगी के शिकार हो जाएं तो क्या करें?
यदि आपको या आपके किसी परिचित को इस तरह का कॉल या मैसेज मिलता है, तो तुरंत साइबर सेल को सूचित करें। साइबर अपराध से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया जा सकता है। जितनी जल्दी रिपोर्ट की जाएगी, पैसे वापस पाने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। साथ ही, अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि आपके खाते को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सके।
तकनीक ने जहां जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों को भी नए हथियार दिए हैं। थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर तुरंत विश्वास न करें और हमेशा आधिकारिक माध्यमों से ही बिजली बिल से जुड़े काम करें।