पीएम मोदी 9 मार्च को शिक्षा मंत्रालय के पोस्ट-बजट वेबिनार को करेंगे संबोधित

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 9 मार्च को एक विशेष पोस्ट-बजट वेबिनार का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें बजट 2026-27 की प्रमुख घोषणाओं को लागू करने की रणनीति पर चर्चा होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इस आयोजन की आधिकारिक जानकारी साझा की है।

वेबिनार का उद्देश्य और थीम

इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य बजट में घोषित योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। इसके लिए समय-सीमा तय करने, विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बनाने और कार्यान्वयन के स्पष्ट रास्ते तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। वेबिनार की थीम ‘सबका साथ, सबका विकास: लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना’ रखी गई है।

चर्चा के प्रमुख विषय

इस वेबिनार में शिक्षा, कौशल विकास, रचनात्मक उद्योग, समावेशी क्षमता निर्माण और संस्थागत ढांचे से जुड़े बजट प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इन सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, ताकि देश के युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकें।

कार्यक्रम की संरचना

यह कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा:

  • उद्घाटन सत्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र को संबोधित करेंगे और बजट की प्रमुख बातों पर अपनी बात रखेंगे।
  • ब्रेकआउट सत्र: इस भाग में बजट में घोषित प्रमुख विषयों पर अलग-अलग समूहों में चर्चा होगी, जिसमें विशेषज्ञ और हितधारक भाग लेंगे।
  • समापन सत्र: अंतिम सत्र में सभी चर्चाओं के निष्कर्ष और आगे की कार्ययोजना को साझा किया जाएगा।

छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी

यूजीसी ने देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे अपने छात्रों और शिक्षकों को इस वेबिनार में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। संस्थानों को कहा गया है कि वे सभी सत्रों में शामिल हों और इस अवसर का लाभ उठाएं।

लाइव प्रसारण के माध्यम

यह वेबिनार ऑनलाइन कई प्लेटफॉर्म पर लाइव देखा जा सकेगा। इच्छुक दर्शक निम्नलिखित माध्यमों से इसे जोड़ सकते हैं:

  • वेबएक्स (Webex)
  • यूट्यूब (YouTube)
  • फेसबुक (Facebook)
  • एक्स (X)

इस वेबिनार के माध्यम से शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में बजट प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर जोर दिया जाएगा। यह आयोजन देश के शिक्षा क्षेत्र में एक नई दिशा तय करने में मददगार साबित हो सकता है।