नीट यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर शिक्षा मंत्री की उच्चस्तरीय बैठक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट यूजी पुनर्परीक्षा से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन भी मौजूद रहे, जो राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़ी सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए गठित समिति के अध्यक्ष हैं। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव, एनटीए के महानिदेशक, एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हुए।
परीक्षा सुरक्षा और निगरानी पर विशेष जोर
बैठक के दौरान एनटीए के महानिदेशक ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी। मौजूदा निगरानी तंत्र की समीक्षा करने और इसे और अधिक प्रभावी बनाने की योजनाओं पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुरक्षा सबसे ऊपर है, लेकिन इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
550 शहरों में 21 जून को होगी परीक्षा
नीट यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के 550 शहरों में फैले 5400 से अधिक केंद्रों पर कराई जाएगी। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया कि सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हों और परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
बैठक में उठाए गए प्रमुख बिंदु
- परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाना।
- छात्रों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना।
- एनटीए द्वारा सुझाए गए सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन।
- परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय करना।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात पर नजर रखें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसे पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ आयोजित किया जाना चाहिए।