दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव 2026: शिक्षा मंत्री ने छात्रों को बताया विकसित भारत का आधार

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) में आयोजित दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने छात्रों को विकसित भारत के शिल्पकार करार देते हुए नवाचार और उद्यमिता को राष्ट्र निर्माण का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार, एनएसयूटी जैसे संस्थान सिर्फ शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये नवाचार और उद्योग जगत की जरूरतों को पूरा करने वाले मजबूत केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता

शिक्षा मंत्री ने महोत्सव को एक सालाना मंच के रूप में विकसित करने की बात कही, जो विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आईआईटी, मेंटर्स, निवेशकों और उद्योग को एक साथ लाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य कैंपस से लेकर बाजार तक एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार करना है, ताकि छात्रों के विचारों को व्यावसायिक रूप मिल सके। दिल्ली को भारत की स्टार्टअप राजधानी बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नई स्टार्टअप नीति और वित्तीय सहायता

कार्यक्रम में यह घोषणा की गई कि दिल्ली सरकार 325 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट के साथ पांच साल की दिल्ली स्टार्टअप नीति लाने जा रही है। इस नीति का लक्ष्य 2035 तक 5,000 स्टार्टअप को समर्थन देना है। इसके लिए दिल्ली छात्र सीड फंड की स्थापना की जा रही है, जो शुरुआती दौर में वित्तीय कमी के कारण किसी भी नवाचार को विफल नहीं होने देगा।

सीड ग्रांट और महिला उद्यमिता को बढ़ावा

सरकार ने इस योजना के तहत छह शीर्ष स्टार्टअप को दस लाख रुपये तक का सीड ग्रांट देने की तैयारी की है। वहीं, शीर्ष 100 छात्र स्टार्टअप को एक-एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने भारत में स्टार्टअप की समावेशी प्रकृति पर प्रकाश डाला और बताया कि वर्तमान में लगभग 45 प्रतिशत भारतीय स्टार्टअप महिलाओं के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। उन्होंने उद्यमिता को सामाजिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए छात्रों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

  • दिल्ली सरकार पांच वर्षों के लिए स्टार्टअप नीति लाने का प्रस्ताव कर रही है।
  • नीति का उद्देश्य 2035 तक 5,000 स्टार्टअप को सहारा देना है।
  • शीर्ष छह स्टार्टअप को दस लाख तक का सीड ग्रांट मिलेगा।
  • शीर्ष 100 छात्र स्टार्टअप को एक-एक लाख की सहायता दी जाएगी।
  • दिल्ली छात्र सीड फंड की स्थापना से शुरुआती वित्तीय बाधाएं दूर होंगी।