राजस्थान में इबोला का संदिग्ध मामला: स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

दुनिया के कई हिस्सों में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। कांगो और युगांडा जैसे देशों में इस संक्रमण के गंभीर मामले सामने आए हैं, जिसके बाद भारत में भी स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। देश में अब तक चार संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें सबसे ताजा मामला राजस्थान से रिपोर्ट किया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ‘बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन’ नामक दुर्लभ प्रकार के इस वायरस से कांगो में 363 पुष्ट मामले और 62 मौतें दर्ज की गई हैं। वहीं, युगांडा में 15 पुष्ट मामलों में से एक की मौत हुई है। हालांकि, हालिया रिपोर्टों में संदिग्ध मामलों में कमी आई है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर जोखिम अभी भी बहुत अधिक बना हुआ है। अफ्रीकी देशों के अलावा यूरोप और एशिया के कई देशों में भी इस संक्रमण के फैलने का खतरा देखा जा रहा है।

जयपुर में युगांडा की महिला पर्यटक संदिग्ध

राजस्थान के जयपुर शहर में इबोला वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है। युगांडा की 19 वर्षीय एक महिला पर्यटक में इबोला जैसे लक्षण दिखने पर उसे जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल के विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता के अनुसार, मरीज में इबोला संक्रमण से मेल खाने वाले कुछ लक्षण पाए गए हैं, लेकिन अभी तक संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। युवती शुक्रवार सुबह शारजाह के रास्ते जयपुर पहुंची थी। डॉक्टरों की एक पूरी टीम मरीज पर लगातार नजर रखे हुए है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

हैदराबाद और अन्य शहरों में भी अलर्ट

इससे पहले, गुरुवार को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सूडान का एक नागरिक संदिग्ध पाया गया था। हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारियों ने थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान उसमें बुखार के लक्षण पाए, जिसके बाद उसे आइसोलेट कर सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल भेजा गया। शुक्रवार सुबह तक उसका बुखार ठीक था और उसे घर पर ही आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, बेंगलुरु और गुजरात में भी इससे पहले संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान: भारत में कोई पुष्ट मामला नहीं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में अब तक इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने अपनी हालिया जानकारी में कहा कि देश में इबोला रोग का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को लक्षणों के प्रति सतर्क रहने और अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि जानकारी और मार्गदर्शन के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की 24×7 हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है।

इबोला के लक्षण और बचाव के उपाय

इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बचाव को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इस वायरस के लक्षण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द
  • उल्टी और दस्त
  • गंभीर मामलों में आंतरिक रक्तस्राव और अंग विफलता

विशेषज्ञों के अनुसार, मरीजों में लक्षण दिखने से 21 दिन पहले से ही वायरस शरीर में मौजूद हो सकता है, जिससे दूसरों को संक्रमण का खतरा बना रहता है।

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने पहले चेतावनी दी थी कि इबोला का मौजूदा प्रकोप तेजी से फैल रहा है, लेकिन नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आती दिख रही है। फिर भी, विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता ही इस वायरस से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।