दुर्गा अष्टमी 2026: 25 या 26 मार्च को कब है अष्टमी और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त?
वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर दुर्गा अष्टमी की तिथि को लेकर भक्तों के मन में कुछ संशय है। दरअसल, अष्टमी तिथि का विस्तार दो दिनों तक है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि व्रत और पूजा किस दिन संपन्न होगी। आइए, हम आपको दुर्गा अष्टमी की सही तारीख और कन्या पूजन के शुभ समय के बारे में विस्तार से बताते हैं।
चैत्र नवरात्रि में दुर्गा अष्टमी का महत्व
चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे दुर्गा अष्टमी या महाष्टमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप, मां महागौरी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तगण इस दिन व्रत रखकर माता की आराधना करते हैं और सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं।
दुर्गा अष्टमी की सही तिथि और समय
दृक पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि का आरंभ 25 मार्च 2026 को दोपहर 1:50 बजे होगा। इस तिथि का समापन 26 मार्च 2026 को सुबह 11:48 बजे होगा। उदया तिथि के नियमानुसार, दुर्गा अष्टमी का पर्व 26 मार्च 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा।
कन्या पूजन का शुभ दिन और समय
नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। दुर्गा अष्टमी और महानवमी के दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने और भोजन कराने की परंपरा है। ऐसा करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन: 26 मार्च, गुरुवार
- महानवमी पर कन्या पूजन: 27 मार्च, शुक्रवार
दुर्गा अष्टमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
जो भक्त दुर्गा अष्टमी के दिन ही कन्या पूजन करना चाहते हैं, वे 26 मार्च को सुबह के शुभ समय में यह अनुष्ठान कर सकते हैं। इस दिन कन्या पूजन के लिए निम्नलिखित समय शुभ रहेगा:
- सुबह 6:18 बजे से 7:50 बजे तक
- सुबह 10:55 बजे से दोपहर 3:31 बजे तक
महानवमी कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
27 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो पूरे दिन को अत्यंत शुभ बना देता है। इस दिन कन्या पूजन करना विशेष फलदायी माना गया है। महानवमी पर कन्या पूजन के शुभ समय इस प्रकार हैं:
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:17 बजे से दोपहर 03:24 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक
- लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 07:50 बजे से 09:22 बजे तक
- रवि योग: पूरे दिन रहेगा
अस्वीकरण: यहां प्रस्तुत जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।