दिल्ली विश्वविद्यालय में सेमेस्टर अवे प्रोग्राम की योजना, विदेश में पढ़ाई का रास्ता होगा आसान
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अपने स्नातक छात्रों को वैश्विक शिक्षा का अनुभव देने के लिए एक नई पहल पर विचार कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘सेमेस्टर अवे प्रोग्राम’ (एसएपी) नामक एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत विद्यार्थी अपनी डिग्री के दौरान एक पूरा सेमेस्टर किसी विदेशी विश्वविद्यालय में बिता सकेंगे। यह प्रस्ताव जल्द ही शैक्षणिक परिषद की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा।
क्या है सेमेस्टर अवे प्रोग्राम?
यह कार्यक्रम स्नातक पाठ्यक्रम ढांचा 2022 के तहत लागू किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से छात्र अपनी डिग्री का एक हिस्सा भारत में और दूसरा हिस्सा किसी मान्यता प्राप्त विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान में पूरा कर सकेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली, शोध के नए अवसर, इंटर्नशिप और बहु-विषयक अनुभव प्रदान करना है। इससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
कौन से छात्र ले सकेंगे भाग?
यह सुविधा मुख्य रूप से उन अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए होगी जिन्होंने सत्र 2022-23 या उसके बाद दाखिला लिया है। प्रस्ताव के अनुसार, विद्यार्थी अपनी डिग्री के तीसरे, पांचवें या सातवें सेमेस्टर में इस कार्यक्रम का विकल्प चुन सकेंगे। इस तरह से समय सारिणी इस प्रकार बनाई गई है कि छात्रों की डिग्री निर्धारित अवधि में ही पूरी हो सके।
क्रेडिट और शैक्षणिक नियम
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, विदेशी संस्थान में पढ़ाई के दौरान छात्रों को न्यूनतम 12 और अधिकतम 26 क्रेडिट पूरे करने होंगे। साथ ही, यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपनी डिग्री की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा कर रहे हैं। क्रेडिट का स्थानांतरण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, जिससे छात्रों को बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के अवसर
इस कार्यक्रम के तहत केवल कक्षा की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विदेश में इंटर्नशिप या व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल होगा। डीयू के रजिस्ट्रार के अनुसार, छात्र चाहें तो अपने कोर्स की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए विदेशी कंपनियों या संस्थानों में इंटर्नशिप कर सकेंगे। इससे उन्हें वास्तविक दुनिया का अनुभव मिलेगा और उनके कौशल में निखार आएगा।
आर्थिक सहायता का प्रावधान
विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्र भी इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकें। इसके लिए वित्तीय सहायता देने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि केवल संपन्न परिवारों के छात्र ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का अनुभव ले सकें।
यह पूरी योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) के अनुरूप है। इस नीति के तहत पहले से ही मल्टीपल एग्जिट ऑप्शन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सेमेस्टर अवे प्रोग्राम उन प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेगा और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने का एक अनूठा अवसर देगा।