डीयू के चौथे वर्ष के स्नातक छात्रों को वाइवा वीडियो जमा करने से छूट

दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने चौथे वर्ष के स्नातक छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब से, आठवें सेमेस्टर में अकादमिक ट्रैक के लिए वाइवा का 30 मिनट का वीडियो जमा करना अनिवार्य नहीं रहेगा। यह राहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होगी और इससे छात्रों की परीक्षा प्रक्रिया सरल हो जाएगी।

वीडियो अनिवार्यता हटाने का कारण

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, जिन छात्रों ने 2022 में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में प्रवेश लिया था, वे इस समय आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं दे रहे हैं। इन छात्रों के लिए वीडियो जमा करने की प्रक्रिया पहली बार लागू की गई थी, जिससे उन्हें तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने इस बाध्यता को समाप्त करने का फैसला किया।

पिछली छूट और कॉलेजों को अतिरिक्त समय

यह पहली बार नहीं है जब डीयू ने छात्रों को ऐसी राहत दी हो। इससे पहले, सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भी इसी प्रकार की छूट प्रदान की गई थी। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को वाइवा आयोजित करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

नियमों में बदलाव के लाभ

  • छात्रों को वीडियो रिकॉर्डिंग और अपलोड करने की तकनीकी परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
  • परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता आएगी।
  • कॉलेजों को अपने संसाधनों को अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
  • छात्रों का तनाव कम होगा और वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे सकेंगे।

दिल्ली विश्वविद्यालय का यह कदम छात्र-हित में लिया गया एक स्वागत योग्य निर्णय है। इससे न केवल चौथे वर्ष के छात्रों को राहत मिली है, बल्कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 की परीक्षाओं के संचालन में भी आसानी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा समय-समय पर छात्रों की समस्याओं को सुनकर ऐसे सकारात्मक बदलाव किए जाने से शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी और छात्र-अनुकूल बन रही है।