DJI रोबोट वैक्यूम में बड़ी सुरक्षा चूक: हैकर ने दुनिया भर के हजारों उपकरणों का किया एक्सेस

स्मार्ट होम डिवाइसेज हमारी जिंदगी को आसान बनाने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी ये सुविधाएं ही बड़ी समस्या का कारण बन जाती हैं। हाल ही में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने DJI के रोबोट वैक्यूम में एक गंभीर सुरक्षा खामी का पता लगाया है। इस खामी की वजह से दुनिया भर के 24 देशों में फैले लगभग 7,000 से अधिक उपकरणों का संवेदनशील डेटा खतरे में पड़ गया था। इस घटना ने स्मार्ट गैजेट्स की प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक मजेदार प्रयोग से शुरू हुआ खुलासा

यह पूरा मामला एक इंजीनियर के निजी प्रोजेक्ट से शुरू हुआ। सॉफ्टवेयर इंजीनियर सैमी अजदोउफल अपने घर पर एक प्रयोग कर रहे थे। वह चाहते थे कि उनका DJI रोमो रोबोट वैक्यूम प्लेस्टेशन 5 (PS5) के कंट्रोलर से संचालित हो सके। इसके लिए उन्होंने एआई कोडिंग टूल ‘क्लाउड कोड’ का सहारा लिया। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि उनका वैक्यूम क्लाउड सर्वर से कैसे जुड़ता है और डेटा का आदान-प्रदान करता है।

रिवर्स इंजीनियरिंग तकनीक का उपयोग करते हुए, सैमी ने एक कस्टम एप्लिकेशन बनाया। इस एप की मदद से वह अपने PS5 कंट्रोलर से वैक्यूम को कमांड दे सकते थे। यह एक सामान्य और मजेदार प्रोजेक्ट था, लेकिन टेस्टिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने उन्हें चौंका दिया।

टेस्टिंग में मिली खतरनाक खोज

जब सैमी ने अपने बनाए एप का परीक्षण शुरू किया, तो उन्होंने देखा कि उनका एप सिर्फ उनके अपने वैक्यूम का डेटा नहीं दिखा रहा था। बल्कि, यह दुनिया भर में मौजूद अन्य DJI रोमो वैक्यूम का डेटा भी खींच रहा था। यह एक बड़ी सुरक्षा चूक थी, जो बैकएंड सिस्टम में मौजूद थी। इस खामी के कारण, सैमी लगभग 24 देशों के 7,000 से अधिक रोबोट वैक्यूम के संवेदनशील डेटा तक पहुंच सकते थे।

कौन सा डेटा था खतरे में?

इस सुरक्षा खामी ने यूजर्स की प्राइवेसी को गंभीर रूप से प्रभावित किया। इंजीनियर को जो एक्सेस मिला, उसके जरिए वह निम्नलिखित जानकारियां देख सकता था:

  • वैक्यूम के कैमरे से घर के अंदर का लाइव वीडियो फीड
  • माइक्रोफोन की मदद से घर की आवाजें सुनना
  • डिवाइस की सटीक लोकेशन ट्रैक करना
  • बैटरी लेवल और सफाई की स्थिति जानना
  • वैक्यूम द्वारा स्कैन करके तैयार किया गया घर का पूरा फ्लोर मैप

सबसे चिंताजनक बात यह थी कि फ्लोर मैप की मदद से किसी भी घर का पूरा लेआउट देखा जा सकता था। इससे चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता था।

समस्या की पुष्टि और कंपनी की प्रतिक्रिया

यह कोई सामान्य गड़बड़ी नहीं थी। इस खामी को साबित करने के लिए, एक DJI रोबोट वैक्यूम का सीरियल नंबर सैमी के साथ शेयर किया गया। कुछ ही मिनटों में, सैमी ने उस डिवाइस की लोकेशन, बैटरी लेवल और घर का पूरा नक्शा अपनी स्क्रीन पर दिखा दिया। इससे साफ हो गया कि खामी वास्तविक और गंभीर थी।

राहत की बात यह रही कि इंजीनियर ने इस डेटा का दुरुपयोग नहीं किया और तुरंत इसकी सूचना कंपनी को दी। DJI ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने इस सुरक्षा खामी को तुरंत ठीक कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह तकनीकी गड़बड़ी आखिर कैसे हुई।

हमारे लिए इस घटना के मायने

आज के समय में रोबोट वैक्यूम सिर्फ सफाई करने वाली मशीन नहीं रह गए हैं। इनमें कैमरे, सेंसर और माइक्रोफोन लगे होते हैं, जो हमारे घर के हर कोने को ट्रैक करते हैं। यह सारा डेटा क्लाउड पर सेव होता है, जिससे प्राइवेसी से जुड़े गंभीर सवाल उठते हैं। यह घटना हमें कुछ महत्वपूर्ण बातें सिखाती है:

  • कंपनियों को नए फीचर्स देने के साथ-साथ डेटा सुरक्षा पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए
  • स्मार्ट होम डिवाइस इस्तेमाल करते समय हमें अपनी प्राइवेसी के प्रति सतर्क रहना चाहिए
  • तकनीक जितनी स्मार्ट हो रही है, उसकी सुरक्षा उतनी ही मजबूत होनी चाहिए

यूजर्स के तौर पर हमें भी अपने डिवाइसेज की सुरक्षा सेटिंग्स की नियमित जांच करनी चाहिए और अनावश्यक अनुमतियों को हटाना चाहिए। साथ ही, कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके उत्पाद सुरक्षित और भरोसेमंद हों।