CUET UG 2026 में ऐतिहासिक सफलता: देविना गहलोत ने चार विषयों में हासिल किया 100 पर्सेंटाइल

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) 2026 के नतीजों ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दिल्ली की रहने वाली देविना गहलोत ने इस परीक्षा में पूरे देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पांच विषयों में कुल 1232.19 अंक हासिल किए, जो एक असाधारण उपलब्धि है। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने जिन पांच विषयों की परीक्षा दी, उनमें से चार में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। अब उनकी नजरें इंग्लिश ऑनर्स में दाखिला लेने पर हैं, जहां वे अपनी रुचि के अनुसार साहित्य और लेखन के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं।

अपनी सफलता पर विश्वास नहीं हुआ

जब देविना गहलोत ने अपना परिणाम देखा, तो पहले पल उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पाया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बार-बार अपने आवेदन विवरण की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई तकनीकी गलती तो नहीं है। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जरूर थी, लेकिन देश भर में टॉप करना उनकी कल्पना से भी परे था। इस शानदार सफलता ने उनके परिवार, शिक्षकों और स्कूल के सभी लोगों को गौरवान्वित किया है।

सफलता का मूल मंत्र: नियमित पढ़ाई और रिवीजन

देविना का मानना है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने अपनी तैयारी की रणनीति के बारे में बताया कि उन्होंने लंबे समय तक एक साथ पढ़ने के बजाय हर दिन नियमित और संतुलित अध्ययन को प्राथमिकता दी। उनकी दिनचर्या में हर विषय को समान समय देना, लगातार रिवीजन करना और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना शामिल था। उनके अनुसार, अंतिम समय में अत्यधिक पढ़ाई करने की तुलना में पूरे साल अनुशासित तरीके से तैयारी करना कहीं अधिक प्रभावी साबित हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी केवल एक विषय पर ध्यान केंद्रित करके दूसरों की उपेक्षा नहीं की।

बोर्ड परीक्षा के बाद आई चुनौतियां

देविना ने स्वीकार किया कि बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद शुरुआती दौर में उन्हें काफी उलझन का सामना करना पड़ा। सीयूईटी की तैयारी का तरीका समझना और सही दिशा में मेहनत करना आसान नहीं था। उनके सामने भविष्य को प्रभावित करने वाली इस परीक्षा का दबाव भी था। ऐसे कठिन समय में उनके माता-पिता ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद की। उन्होंने बताया कि परिवार के सहयोग ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में सबसे अधिक मदद की।

इंग्लिश ऑनर्स में करियर बनाने की इच्छा

राष्ट्रीय स्तर पर टॉप करने के बावजूद देविना अपने करियर को लेकर बहुत स्पष्ट हैं। उन्हें साहित्य, पढ़ने और लिखने में गहरी रुचि है, इसलिए वे इंग्लिश ऑनर्स में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती हैं। साथ ही, वे पत्रकारिता के क्षेत्र में भी करियर बनाने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे अभी सभी संभावनाओं को खुला रखना चाहती हैं और समय आने पर अपने अनुभव के आधार पर अंतिम निर्णय लेंगी।

राजनीति में रुचि, लेकिन प्राथमिकता शिक्षा

देविना, बिजवासन से भाजपा विधायक और दिल्ली के पूर्व परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की बेटी हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से अपने पिता को सार्वजनिक जीवन में काम करते देखने के कारण उनकी राजनीति में भी रुचि विकसित हुई है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधि समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, फिलहाल उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता उच्च शिक्षा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में राजनीति में आने का फैसला वे अनुभव और परिस्थितियों के आधार पर ही करेंगी।

पिता को बेटी की सफलता पर गर्व

देविना के पिता कैलाश गहलोत ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर अत्यधिक खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सफलता देविना की कड़ी मेहनत, समर्पण और लगन का ही परिणाम है। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार ने कभी भी बच्चों पर पढ़ाई को लेकर अनावश्यक दबाव नहीं डाला। उनका प्रयास हमेशा उन्हें सहयोग और प्रोत्साहन देने का रहा है। उन्होंने देविना की मां, शिक्षकों और डीपीएस वसंत कुंज स्कूल के योगदान की भी सराहना की, जिन्होंने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई।

  • देविना ने पांच विषयों में कुल 1232.19 अंक प्राप्त किए।
  • उन्होंने चार विषयों में 100 पर्सेंटाइल हासिल किया।
  • उनकी तैयारी का आधार नियमित अध्ययन और निरंतर रिवीजन था।
  • वे इंग्लिश ऑनर्स में पढ़ाई करना चाहती हैं और पत्रकारिता में भी रुचि रखती हैं।
  • उनके पिता ने बेटी की सफलता का श्रेय उसकी मेहनत और परिवार के सहयोग को दिया।