देवी चित्रलेखा का अमर उजाला संवाद में शामिल होना तय, आध्यात्म और भारतीय संस्कृति पर करेंगी चर्चा
देहरादून में 24 जून 2026, बुधवार को आयोजित होने वाले अमर उजाला संवाद में देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी। इस कार्यक्रम में आध्यात्म जगत की प्रसिद्ध वक्ता देवी चित्रलेखा भी शामिल होंगी। वह आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों जैसे विषयों पर अपने विचार रखेंगी।
यह संवाद ‘सतत विकास’ की थीम पर आधारित है, जिसमें उत्तराखंड के विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। मुख्य वक्ता के रूप में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा राजनीति, सिनेमा और सामाजिक क्षेत्रों की कई बड़ी हस्तियां भी इस आयोजन में भाग लेंगी।
आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों पर विचार-विमर्श
देवी चित्रलेखा ‘सुप्रभात देहरादून’ सत्र के माध्यम से आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और जीवन के मूल्यों पर अपनी बात रखेंगी। उन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत बहुत कम उम्र में की थी। धर्म और संस्कृति के प्रति उनकी रुचि समय के साथ और गहरी होती गई। ब्रज के संत रमेश बाबा जी के मार्गदर्शन में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने आध्यात्मिक विचार व्यक्त किए। इसके बाद उनके जीवन में एक बड़ा परिवर्तन आया और उनकी आध्यात्मिक यात्रा लगातार आगे बढ़ती गई।
आज देवी चित्रलेखा न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी अपनी कथाओं और सकारात्मक विचारों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने प्रवचनों के जरिए अनेक लोगों को मार्गदर्शन प्रदान किया है। वह एक आध्यात्मिक वक्ता होने के साथ-साथ एक प्रेरक वक्ता के रूप में भी प्रसिद्ध हैं।
35 से अधिक देशों में सुनाई कथाएं
जानकारी के अनुसार, देवी चित्रलेखा अब तक 35 से अधिक देशों में 600 से ज्यादा धार्मिक कथाओं का आयोजन कर चुकी हैं। वह हरियाणा के पलवल में स्थित ‘गौ सेवा धाम’ पशु अस्पताल की संस्थापक भी हैं। यहां बेसहारा और घायल गायों के साथ-साथ अन्य पशुओं की सेवा और चिकित्सा की जाती है। इस संवाद में उनकी उपस्थिति कार्यक्रम को आध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का काम करेगी।
हरियाणा से आती हैं देवी चित्रलेखा
देवी चित्रलेखा का जन्म 19 जनवरी 1997 को हरियाणा के पलवल जिले के एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम तुकाराम शर्मा और माता का नाम चमेली देवी है। परिवार में उनके बड़े भाई प्रत्यक्ष शर्मा भी हैं। बहुत कम उम्र में आध्यात्म के क्षेत्र में पहचान बनाने वाली देवी चित्रलेखा ने 23 मई 2017 को मात्र 20 वर्ष की आयु में विवाह किया। शादी के बाद भी उन्होंने अपने आध्यात्मिक कार्यों और समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाई।
- देवी चित्रलेखा एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता और प्रेरक वक्ता हैं।
- उन्होंने 35 से अधिक देशों में 600 से ज्यादा धार्मिक कथाओं का आयोजन किया है।
- वह ‘गौ सेवा धाम’ पशु अस्पताल की संस्थापक हैं, जो बेसहारा पशुओं की सेवा करता है।
- उनका जन्म 19 जनवरी 1997 को हरियाणा के पलवल में हुआ था।