दिल्ली विश्वविद्यालय को इस वर्ष मिलेगा वीर सावरकर कॉलेज, नए भवनों का काम तेज

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के लिए यह वर्ष कई बड़ी उपलब्धियों और नए निर्माणों का रहने वाला है। विश्वविद्यालय को इस साल वीर सावरकर कॉलेज, नए गर्ल्स हॉस्टल और कई अकादमिक भवनों की सौगात मिलने की संभावना है। कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने हाल ही में एक संवाद कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी साझा की।

निर्माण कार्यों की प्रगति और योजना

कुलपति ने बताया कि वर्ष 2025 डीयू के लिए काफी सफल रहा और 2026 भी उतना ही शानदार होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय में फिलहाल दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें से अधिकांश परियोजनाएं इसी वर्ष पूरी हो जाएंगी।

  • वीर सावरकर कॉलेज: यह कॉलेज विश्वविद्यालय के पश्चिमी परिसर में स्थापित होगा। इसके जल्द खुलने से छात्रों को नए शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।
  • फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी: प्रौद्योगिकी संकाय के भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
  • गर्ल्स हॉस्टल: छात्राओं के लिए एक नए हॉस्टल का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे आवास की सुविधा बढ़ेगी।
  • पूर्वी और पश्चिमी कैंपस: दोनों परिसरों में बुनियादी ढांचे के विकास का काम जारी है।

इसके अलावा, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई) की नई बिल्डिंग, आईओई हॉस्टल, कंप्यूटर सेंटर का नया भवन और पुस्तकालय के विस्तार का काम भी प्रगति पर है। कुलपति ने यह भी बताया कि परिसर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

शैक्षणिक और प्रशासनिक उपलब्धियां

संवाद कार्यक्रम में कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीयू ने अपनी स्थिति मजबूत की है। भारत के शीर्ष 10 कॉलेजों में डीयू के 6 कॉलेज शामिल हैं। एनआईआरएफ रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया।

प्रशासनिक कार्यों की जानकारी देते हुए कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न कॉलेजों और विभागों में शैक्षणिक स्टाफ के 9,115 प्रमोशन हो चुके हैं। इसके अलावा, 5,037 शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियां और 456 गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्तियां पूरी हो चुकी हैं।

पारदर्शी प्रक्रिया और नए कार्यक्रम

कुलपति ने कहा कि सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) के बाद डीयू की दाखिला प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी हो गई है। वर्ष 2025 में कुल 71,642 सीटों के लिए 72,229 छात्रों ने दाखिला लिया। उन्होंने आगामी वर्षों में भी नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की बात कही।

एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि डीयू में ‘सेंटर फॉर उड़िया स्टडीज’ स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार से इसके लिए अनुदान और नियुक्तियों की स्वीकृति भी इसी वर्ष मिल जाएगी।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस संवाद कार्यक्रम में डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) की निदेशक प्रो. पायल मागो, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता के अलावा विभिन्न डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्रिंसिपल और एकेडमिक काउंसिल तथा एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने वर्ष 2026 के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर देते हुए कहा कि डीयू जैसा कोई विश्वविद्यालय दुनिया में नहीं है और हमें हर साल अपनी उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।