दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की चुनौती: एक सीट पर दस से अधिक दावेदार
दिल्ली के लगभग 1700 निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी में दाखिला पाना इस बार भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा। प्राप्त आवेदनों के आंकड़े बताते हैं कि हर एक सीट के लिए कम से कम दस बच्चे दौड़ में शामिल हैं। हालांकि, इस वर्ष कुछ स्कूलों में पिछले साल की तुलना में आवेदनों की संख्या में मामूली कमी देखी गई है, जिसका कारण स्कूल प्रशासन अगले सत्र से शुरू होने वाली बाल वाटिका कक्षाओं को मान रहे हैं।
आवेदन प्रक्रिया का समापन और बढ़ती भीड़
चार दिसंबर को शुरू हुई नर्सरी दाखिले की आवेदन प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गई। कई स्कूलों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होने के कारण यह प्रक्रिया मध्यरात्रि तक जारी रही। इस दौरान स्कूलों को अपनी सीमित सीटों के लिए 400 से लेकर दो हजार तक आवेदन प्राप्त हुए हैं। अंतिम दिन होने के कारण निजी स्कूलों में फॉर्म जमा कराने के लिए अभिभावकों की विशेष भीड़ देखी गई।
अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन आवेदन के बाद उसका प्रिंट निकालकर स्कूल में जमा करना अनिवार्य कर दिया था। इस कारण कई माता-पिता को एक साथ कई स्कूलों के चक्कर लगाने पड़े।
विभिन्न स्कूलों में आवेदनों की स्थिति
रोहिणी स्थित माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा के अनुसार, उनके स्कूल में 120 सीटों के लिए लगभग 1,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में दस प्रतिशत कम है। वहीं, मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन में सामान्य श्रेणी की 80 सीटों के लिए करीब 400 आवेदन फॉर्म आए हैं। स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. सतबीर शर्मा ने बताया कि इस बार आवेदनों की संख्या पहले से कम है।
इसके विपरीत, दिल्ली के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों जैसे बालभारती, स्प्रिंगडेल्स और डीपीएस में आवेदनों का आंकड़ा 1,000 से 2,000 के बीच पहुंच गया है। ऐसे में इन स्कूलों में दाखिला पाना हर साल की तरह इस बार भी अत्यंत कठिन हो सकता है।
आगे की प्रक्रिया और छंटनी
अब स्कूल प्रशासन शिक्षा निदेशालय के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन फॉर्मों की छंटनी शुरू करेगा। इस प्रक्रिया में बच्चों की पात्रता, आयु सीमा और स्कूल द्वारा तय किए गए अन्य मापदंडों के आधार पर आवेदनों को फिल्टर किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम सूची तैयार होगी और दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
- दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी की सीटों के लिए भारी प्रतिस्पर्धा जारी है।
- कुछ स्कूलों में आवेदनों की संख्या में कमी आई है, जिसका श्रेय बाल वाटिका कक्षाओं को दिया जा रहा है।
- अभिभावकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
- प्रतिष्ठित स्कूलों में आवेदनों की संख्या दो हजार तक पहुंच गई है, जिससे दाखिले की राह और मुश्किल हो गई है।