डीपफेक का खौफ: पिता की तकनीकी समझ ने सुलझाई बेटे की मौत की पहेली
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक इंजीनियर पिता ने अपने बेटे की मौत के रहस्य को सुलझाने के लिए मोबाइल फोन के डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया। यह घटना उस समय सामने आई जब पुलिस और परिवार के लोग इसे आत्महत्या का मामला मान रहे थे, लेकिन पिता की तकनीकी जानकारी ने एक बड़े साइबर अपराध का पर्दाफाश कर दिया।
नौ अक्टूबर को आकाश सिंह नाम के एक छात्र ने अपनी जान दे दी थी। शुरुआती जांच में यह आत्महत्या लग रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद मृतक के पिता सुखवीर सिंह को एक अहम सुराग मिला। उन्होंने देखा कि उनके बेटे के फोन को मौत से ठीक पहले फैक्ट्री रीसेट कर दिया गया था। इस असामान्य बात ने उनके मन में संदेह पैदा कर दिया और उन्होंने खुद ही जांच शुरू कर दी।
मोबाइल इंजीनियर पिता की जांच
सुखवीर सिंह पेशे से मोबाइल फोन इंजीनियर हैं। अपने तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हुए उन्होंने बेटे के फोन से डिलीट किए गए डेटा को वापस लाने में सफलता पाई। यहीं से मामले ने एक नया मोड़ लिया। रिकवर किए गए डेटा से पता चला कि उनके बेटे को एआई की मदद से बनाई गई अश्लील मॉर्फ्ड इमेज के जरिए साइबर ब्लैकमेल किया जा रहा था। यह ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क महाराष्ट्र से संचालित हो रहा था।
एआई से बनी इमेज बनी हथियार
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल करके फर्जी और अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए थे। इन फर्जी सामग्रियों के जरिए छात्र को बदनाम करने की धमकी दी गई, जिससे वह गंभीर मानसिक तनाव में आ गया और अंततः उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनका साइबर ब्लैकमेलिंग रैकेट से संबंध पाया गया है।
एआई मॉर्फिंग से कैसे बचें?
यह घटना डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों की ओर इशारा करती है। आज के समय में एआई तकनीक के जरिए किसी भी फोटो के साथ छेड़छाड़ करना बहुत आसान हो गया है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। विशेषज्ञों ने इससे बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स सुझाए हैं:
- प्रोफाइल लॉक रखें: अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को हमेशा प्राइवेट मोड पर रखें, ताकि अजनबी आपकी तस्वीरों तक न पहुंच सकें।
- अनजान अनुरोधों से बचें: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती करना महंगा पड़ सकता है। अज्ञात लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें।
- हाई-क्वालिटी फोटो शेयर न करें: क्लोज-अप और एचडी फोटो को सार्वजनिक रूप से शेयर करने से बचें, क्योंकि एआई को मॉर्फिंग के लिए साफ और हाई-रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरों की जरूरत होती है।
- समय पर रिपोर्ट करें: यदि आपके साथ कोई साइबर ब्लैकमेलिंग होती है, तो डरने की बजाय तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।