साइबर ठगी का बढ़ता खतरा: पांच साल में 52 हजार करोड़ की ठगी, सरकार ने कसा शिकंजा
देश में साइबर अपराध के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। दूरसंचार विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में साइबर ठगों ने देशभर के नागरिकों से 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ठग ली है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। दूरसंचार विभाग ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले लाखों मोबाइल नंबरों और बैंक खातों को ब्लॉक करने का अभियान तेज कर दिया है।
पांच साल में 60 लाख शिकायतें, बड़े गिरोहों पर शिकंजा
विश्व दूरसंचार दिवस के अवसर पर दिए गए बयान में दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच साल में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी करीब 60 लाख शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से तीन हजार से अधिक मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और छह बड़े आपराधिक गिरोहों को पकड़ा गया है। धोखाधड़ी का तुरंत पता लगाने और नेटवर्क को सुरक्षित बनाने के लिए अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सिस्टम का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। नए दूरसंचार अधिनियम 2023 और दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम 2024 के लागू होने से देश की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
फर्जी सिम पर सख्ती: 50 लाख जुर्माना और तीन साल की जेल
सिम कार्ड से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार जल्द ही बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन प्रणाली लागू करने जा रही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, सभी दूरसंचार उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति किसी और की पहचान का उपयोग करके फर्जी सिम प्राप्त करने का प्रयास करता है, तो उसे तीन साल तक की सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त, ऐसे मामलों में 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।
सरकार का बड़ा एक्शन: लाखों नंबर और खाते ब्लॉक
जालसाजों पर अंकुश लगाने के लिए दूरसंचार विभाग ने बैंकों, भुगतान एप्स और पुलिस जैसी कई एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई में:
- संदिग्ध पाए गए 3.4 करोड़ मोबाइल नंबरों को स्थायी रूप से डिस्कनेक्ट कर दिया गया है।
- साइबर धोखाधड़ी में शामिल 16.97 लाख व्हाट्सएप खातों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- डिवाइस स्तर पर सुरक्षा बढ़ाते हुए गलत आईएमईआई नंबर वाले 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं।
- सबसे बड़ी कार्रवाई बैंक खातों पर की गई है, जहां ठगी के पैसे ट्रांसफर होने वाले 59 लाख संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
इस कदम से लगभग एक हजार करोड़ रुपये ठगों के हाथ लगने से बच गए हैं। वहीं, सरकार के पोर्टल के माध्यम से 1250 करोड़ रुपये मूल्य के करीब 10 लाख खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक और ट्रैक करने में सफलता मिली है।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत उठाएं ये कदम
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन या वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। सुरक्षित रहने के लिए घटना के 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, खोए हुए फोन को ब्लॉक करने या किसी संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करने के लिए संचार साथी एप या वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। इस एप को अब तक 1.7 करोड़ से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
दूरसंचार बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
देश के दूरसंचार बुनियादी ढांचे को लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 100 से अधिक 5जी प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। नए मोबाइल टावरों में बिजली की खपत कम करने के लिए सौर पैनल भी लगाए जा रहे हैं।