भारत में एआई का बढ़ता प्रभाव: हर हफ्ते 10 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। ओपन एआई के लोकप्रिय चैटबॉट चैटजीपीटी का उपयोग अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका इस्तेमाल पेशेवर और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के बाद भारत इस कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है, जहां हर सप्ताह 10 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता इस प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं।
खास बात यह है कि भारतीय उपयोगकर्ता वैश्विक औसत की तुलना में तीन गुना अधिक कोडिंग से संबंधित प्रश्न पूछ रहे हैं। साथ ही, लगभग 35 प्रतिशत संदेश पेशेवर मार्गदर्शन से जुड़े होते हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय युवा एआई को अपने करियर और कौशल विकास का एक अहम उपकरण बना रहे हैं।
युवाओं के बीच एआई का बढ़ता चलन
रिपोर्ट के मुताबिक, चैटजीपीटी पर पूछे जाने वाले लगभग 50 प्रतिशत सवाल 18 से 24 वर्ष की आयु के युवाओं के होते हैं। वहीं, 80 प्रतिशत से अधिक उपयोगकर्ता 30 वर्ष से कम आयु के हैं। यह दर्शाता है कि नई पीढ़ी एआई तकनीक को अपनाने में सबसे आगे है। भारतीय छात्र और युवा पेशेवर इसका उपयोग पढ़ाई, प्रोजेक्ट, कोडिंग और करियर योजना जैसे गंभीर कार्यों के लिए कर रहे हैं।
कोडिंग में भारत का दबदबा
भारत को आईटी हब के रूप में जाना जाता है, और इसका असर एआई के उपयोग में भी साफ दिखता है। ओपन एआई के कोडिंग असिस्टेंट कोडक्स का उपयोग भारतीय डेवलपर्स और छात्र वैश्विक औसत से तीन गुना अधिक कर रहे हैं। मैक एप लॉन्च होने के बाद से भारत में इसका उपयोग हर सप्ताह चार गुना बढ़ गया है। यह आंकड़ा बताता है कि भारत में सॉफ्टवेयर और कोडिंग के क्षेत्र में एआई की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।
पेशेवर मार्गदर्शन और अन्य उपयोग
भारतीय उपयोगकर्ता चैटजीपीटी का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार:
- 35 प्रतिशत संदेश पेशेवर मार्गदर्शन और करियर सलाह से जुड़े हैं।
- 20 प्रतिशत सवाल सामान्य जानकारी प्राप्त करने के लिए पूछे जाते हैं।
- 20 प्रतिशत संदेश कंटेंट राइटिंग और रचनात्मक कार्यों में मदद मांगने के लिए होते हैं।
यह स्पष्ट है कि भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए एआई एक डिजिटल सहायक बन गया है, जो करियर सलाहकार, कंटेंट क्रिएटर और शोध भागीदार के रूप में काम कर रहा है।
भारत का बाजार और कंपनी की रणनीति
अमेरिका के बाद भारत ओपन एआई का सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी भारतीय उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए किफायती सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश कर रही है, जिसकी कीमत 5 डॉलर से भी कम है। यह कदम भारत जैसे मूल्य-संवेदनशील बाजार में एआई सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे अधिक से अधिक लोग इस तकनीक का लाभ उठा सकेंगे।
क्लाउड और सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम में एआई का विस्तार
एआई उद्योग में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। हाल ही में एक अन्य एआई कंपनी ने बताया कि भारत में सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों में 45.2 प्रतिशत क्लाउड उपयोग दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में तकनीकी बुनियादी ढांचा और एआई को अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है।
शिक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी में एआई का उपयोग
विशेषज्ञों का मानना है कि आज चैटजीपीटी केवल एक चैटबॉट नहीं रह गया है। विद्यार्थी इसे पढ़ाई और प्रोजेक्ट के लिए उपयोग कर रहे हैं, पेशेवर करियर गाइडेंस और ईमेल ड्राफ्टिंग के लिए, स्टार्टअप और डेवलपर्स कोडिंग और डिबगिंग के लिए, और आम लोग रेसिपी, स्वास्थ्य सुझाव और सामान्य जानकारी के लिए। इस तरह एआई अब एक डिजिटल दोस्त, मेंटर और सहयोगी की भूमिका निभा रहा है।