चैत्र नवरात्रि 2026: 23 मार्च को किस माता की होगी पूजा और कौन सा दिन है?
चैत्र नवरात्रि के पवित्र दिन चल रहे हैं, और अक्सर भक्तों के मन में यह संशय रहता है कि किस दिन किस देवी की आराधना करनी चाहिए। अगर आप भी 23 मार्च को होने वाली पूजा के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपकी सारी शंकाओं का समाधान करेगा। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विधान है, और हर दिन का अपना विशेष महत्व होता है। सही जानकारी के साथ पूजा करने से श्रद्धा और भी अधिक फलदायी होती है।
23 मार्च को नवरात्रि का कौन सा दिन है?
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हुई थी, जो नवरात्रि का पहला दिन था। इस क्रम में 23 मार्च को नवरात्रि का पांचवां दिन है। इस दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता के रूप में जाना जाता है और वे माता पार्वती का ही एक रूप हैं।
मां स्कंदमाता की पूजा का महत्व
इस दिन भक्त मां स्कंदमाता के सामने दीपक प्रज्वलित कर व्रत रखते हैं और उनसे सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि मां स्कंदमाता की विधिवत पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मां स्कंदमाता की पूजा विधि
मां स्कंदमाता की पूजा के लिए इन सरल चरणों का पालन करें:
- पूजा के लिए सफेद रंग के वस्त्र धारण करें, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
- माता की तस्वीर या मूर्ति को एक साफ और पवित्र स्थान पर स्थापित करें।
- पूजा स्थल पर दीपक और धूप जलाएं।
- देवी को हल्दी, कुमकुम और अक्षत (चावल) अर्पित करें।
- पूरे मन को शांत रखते हुए श्रद्धापूर्वक पूजा के नियमों का पालन करें।
प्रसाद और मंत्र जाप
मां स्कंदमाता को प्रसाद में केला अवश्य शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि केला धार्मिक दृष्टि से उत्तम है और घर में सुख-समृद्धि लाता है। प्रसाद को पूरी श्रद्धा के साथ वितरित करें। इसके अलावा, मां का आशीर्वाद पाने के लिए “ॐ देवी स्कंद मातायै नमः” मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का दिन में कम से कम 108 बार उच्चारण करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।