CTET 2026 परीक्षा के लिए नए कार्यक्रम की घोषणा, अब दो दिनों में होगा आयोजन

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 के लिए संशोधित तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए बोर्ड ने इसे दो दिनों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह परीक्षा केवल 8 फरवरी 2026 को आयोजित होनी थी, लेकिन अब इसे 7 और 8 फरवरी 2026 को कराया जाएगा।

परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम

सीबीएसई द्वारा जारी नए शेड्यूल के अनुसार, दोनों दिनों में पेपर 1 और पेपर 2 का आयोजन अलग-अलग पालियों में किया जाएगा। प्रत्येक पेपर की अवधि ढाई घंटे रहेगी। परीक्षा का समय इस प्रकार रहेगा:

  • 7 फरवरी 2026: पेपर 1 (सुबह 9:30 से 12:00 बजे तक), पेपर 2 (दोपहर 2:30 से शाम 5:00 बजे तक)
  • 8 फरवरी 2026: पेपर 1 (सुबह 9:30 से 12:00 बजे तक), पेपर 2 (दोपहर 2:30 से शाम 5:00 बजे तक)

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड पर उल्लिखित तिथि और पाली के अनुसार ही परीक्षा में शामिल हों।

140 शहरों में होगी परीक्षा

सीटीईटी 2026 परीक्षा देशभर के 140 शहरों में आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने सभी उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले अपने निर्धारित केंद्र पर पहुंच जाएं। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड और एक मूल पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य होगा। बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

केंद्र और तिथि में बदलाव पर सख्ती

सीबीएसई ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा केंद्र, शहर या तिथि में किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए किए गए अनुरोधों पर विचार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड पर दी गई सभी जानकारियों को ध्यानपूर्वक जांचने की सलाह दी गई है। यदि किसी अभ्यर्थी को अपने प्रवेश पत्र में कोई त्रुटि दिखाई देती है, तो वह समय रहते बोर्ड से संपर्क कर सकता है। बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अनियमितता से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

यह परीक्षा उन सभी अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो केंद्रीय विद्यालयों और अन्य सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षक बनने की इच्छा रखते हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए बोर्ड का यह कदम परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायक सिद्ध होगा।