सीबीएसई का मूल्यांकनकर्ताओं को कड़ा संदेश: सोशल मीडिया पर परीक्षा संबंधी जानकारी साझा करना होगा महंगा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगे शिक्षकों और कर्मियों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, टिप्पणी या अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

गोपनीयता का उल्लंघन होगा गंभीर मामला

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड के संज्ञान में यह बात आई है कि मूल्यांकन कार्य में संलिप्त कुछ लोग विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर परीक्षा संबंधी राय और अनुभव साझा कर रहे हैं। इनमें से कई पोस्ट भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत पाई गई हैं, जिससे छात्रों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों के बीच भ्रम और अफवाहें फैलने की संभावना है।

मूल्यांकन प्रक्रिया पर लागू सख्त नियम

बोर्ड के अनुसार, परीक्षा मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया गोपनीय होती है और इस पर कड़े नियम लागू होते हैं। सार्वजनिक मंचों पर मूल्यांकन से जुड़ी किसी भी प्रकार की गलत सूचना, व्यक्तिगत राय या अनुभव साझा करना पेशेवर आचरण का सीधा उल्लंघन है। अफवाहें फैलाने या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

सीबीएसई ने सभी मूल्यांकनकर्ताओं को सावधान करते हुए कहा है कि नियमों का पालन न करने पर निम्नलिखित कार्रवाई की जा सकती है:

  • मूल्यांकन कार्य से तत्काल हटाया जाना
  • भविष्य के लिए मूल्यांकन कार्य से अयोग्य घोषित करना
  • संबंधित विद्यालय या संस्था को सूचित करना
  • कानूनी कार्रवाई की संभावना

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह चेतावनी सिर्फ शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े सभी कर्मियों पर लागू होती है। सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अनधिकृत जानकारी साझा करने से बचें। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की पवित्रता और पारदर्शिता को बनाए रखना है, ताकि छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बना रहे।