सीबीएसई ने वायरल नोटिस को बताया फर्जी, छात्रों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे एक कथित सर्कुलर को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक करार दिया है। इस वायरल दस्तावेज में दावा किया गया था कि बोर्ड ने वर्ष 2026 की परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) की प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह सूचना बिल्कुल गलत है और इसका कोई आधार नहीं है।

फेक न्यूज अलर्ट जारी

सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक ‘फेक न्यूज अलर्ट’ पोस्ट करते हुए छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी। बोर्ड ने बताया कि एक नकली सर्कुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है, जिसमें यह झूठा दावा किया गया है कि ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी खामियों के कारण उत्तर पुस्तिका की प्रति और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा समाप्त कर दी गई है। बोर्ड ने अपने पोस्ट में साफ शब्दों में कहा, ‘फर्जी खबरों और अफवाहों से सावधान रहें। किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करें।’

वायरल सर्कुलर में क्या था दावा?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित सर्कुलर में कहा गया था कि तकनीकी कारणों से री-इवैल्यूएशन और फोटोकॉपी प्रक्रिया को बंद किया जा रहा है। इसमें यह भी दावा किया गया था कि छात्रों द्वारा इस प्रक्रिया के लिए जमा की गई फीस 15 कार्य दिवसों में वापस कर दी जाएगी और मौजूदा अंकों को ही अंतिम मान लिया जाएगा। हालांकि, सीबीएसई ने इस पूरे दस्तावेज को फर्जी बताते हुए छात्रों से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

बोर्ड की सलाह और सावधानी

सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे किसी भी प्रकार की सूचना की पुष्टि बिना किए उसे सच न मानें। बोर्ड ने कहा कि कोई भी आधिकारिक जानकारी या सर्कुलर केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट या उसके सत्यापित सोशल मीडिया खातों के माध्यम से ही जारी की जाती है। बोर्ड ने यह भी कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पहले की तरह जारी हैं और इन्हें रद्द करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

  • किसी भी भ्रामक या फर्जी सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे फैलाएं।
  • केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी को ही प्रामाणिक मानें।
  • सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी अनाधिकारिक दस्तावेज या सर्कुलर से सावधान रहें।
  • यदि कोई संदेहास्पद जानकारी मिले, तो तुरंत बोर्ड के आधिकारिक चैनलों से उसकी पुष्टि करें।

सीबीएसई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने छात्रों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अनधिकृत स्रोत से मिली जानकारी पर भरोसा करने से बचें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही निर्भर रहें।