सीबीएसई का स्पष्टीकरण: बारहवीं कक्षा के मूल्यांकन में पारदर्शिता का दावा, पुनर्मूल्यांकन जारी रहेगा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बारहवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अपनी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली का बचाव किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह प्रणाली मूल्यांकन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई थी। साथ ही, छात्रों को यह आश्वासन दिया गया है कि पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।

OSM प्रणाली पर बोर्ड का रुख

सीबीएसई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली सभी विषयों और क्षेत्रों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में समानता और निष्पक्षता को बढ़ावा देती है। बोर्ड के अनुसार, यह तकनीक चरणबद्ध अंकन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता और निरंतरता सुनिश्चित करती है। यह प्रणाली लंबे समय से बोर्ड की मूल्यांकन नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

बोर्ड का यह स्पष्टीकरण तब आया है जब सोशल मीडिया पर कुछ छात्रों और अभिभावकों ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित जैसे विषयों में प्राप्त अंकों को लेकर चिंता जताई थी। सीबीएसई ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने का प्रयास किया है।

पुनर्मूल्यांकन का विकल्प बरकरार

सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया कि जो छात्र अपने परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए पुनर्मूल्यांकन का अवसर हमेशा उपलब्ध रहेगा। यह कदम बोर्ड की पारदर्शिता और छात्रों के प्रति जवाबदेही को दर्शाता है। इस वर्ष भी यह सुविधा छात्रों को प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त कर सकेंगे।

यदि किसी छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में कोई विसंगति या त्रुटि मिलती है, तो वह बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार का अनुरोध कर सकता है। बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाएगा, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।

परिणामों की स्थिति और मूल्यांकन का तरीका

हाल ही में घोषित बारहवीं कक्षा के परिणामों में 85 प्रतिशत से अधिक छात्र सफल घोषित हुए हैं। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में समग्र उत्तीर्ण दर में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है। इस वर्ष पहली बार, सीबीएसई ने बारहवीं कक्षा की सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह से ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के माध्यम से किया।

  • बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया है।
  • OSM प्रणाली को सभी विषयों में एकरूपता सुनिश्चित करने का एक साधन बताया गया है।
  • असंतुष्ट छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन का विकल्प हर साल की तरह इस बार भी उपलब्ध रहेगा।
  • छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त कर सकते हैं और किसी भी त्रुटि के लिए सुधार का अनुरोध कर सकते हैं।

सीबीएसई के इस फैसले को छात्रों और अभिभावकों के बीच मूल्यांकन प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। बोर्ड ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि तकनीकी प्रणाली के साथ-साथ मानवीय पहलू भी बना रहे, जिससे छात्रों को न्याय मिल सके।