CBSE 12वीं परिणाम 2026: दक्षिण भारत का दबदबा, 95.62% के साथ तिरुवनंतपुरम अव्वल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। इस वर्ष के नतीजों में दक्षिण भारत के क्षेत्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें तिरुवनंतपुरम क्षेत्र 95.62 प्रतिशत उत्तीर्णता दर के साथ शीर्ष पर रहा। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 85.20 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है।
परीक्षा आयोजन और पंजीकरण
सीबीएसई ने कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की थी। परीक्षा में देशभर से कुल 17,80,365 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 17,68,968 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। बोर्ड ने इस वर्ष परीक्षा के आयोजन के लिए 7,573 परीक्षा केंद्र बनाए थे, जबकि 19,967 स्कूलों को इस प्रक्रिया से जोड़ा गया। पिछले वर्ष 2025 की तुलना में इस बार स्कूलों और परीक्षा केंद्रों की संख्या में वृद्धि की गई थी। बोर्ड ने कुल 120 विषयों की परीक्षा आयोजित की, जिसमें तकनीकी सहायता और बड़े स्तर की व्यवस्थाओं के साथ मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा किया गया।
पास प्रतिशत में गिरावट
इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 85.20% दर्ज किया गया। परीक्षा में शामिल हुए 17,68,968 छात्रों में से 15,07,109 छात्र सफल घोषित किए गए। वर्ष 2025 में यह पास प्रतिशत 88.39% था, जिससे स्पष्ट है कि इस साल परिणाम में 3.19 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है। यह गिरावट परीक्षा के बढ़े हुए स्तर या मूल्यांकन में सख्ती का संकेत हो सकती है, हालांकि बोर्ड ने इस संबंध में कोई विशेष टिप्पणी नहीं की है।
क्षेत्रवार प्रदर्शन: दक्षिण भारत का वर्चस्व
सीबीएसई द्वारा जारी क्षेत्रवार आंकड़ों में दक्षिण भारत के क्षेत्रों ने बाजी मारी है। तिरुवनंतपुरम क्षेत्र ने 95.62 प्रतिशत के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि चेन्नई 93.84 प्रतिशत के साथ दूसरे और बेंगलुरु 93.19 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। विजयवाड़ा ने 92.77 प्रतिशत के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया। दिल्ली के दोनों क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें दिल्ली वेस्ट 92.34 प्रतिशत और दिल्ली ईस्ट 91.73 प्रतिशत के साथ क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहे। अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अहमदाबाद (90.60%), गुरुग्राम (88.45%), लुधियाना (87.92%) और पुणे (87.32%) शामिल हैं। वहीं, पटना (74.45%) और प्रयागराज (72.43%) का प्रदर्शन सबसे कम रहा।
संस्थानवार प्रदर्शन: केंद्रीय विद्यालय शीर्ष पर
विभिन्न प्रकार के स्कूलों के प्रदर्शन की बात करें तो केंद्रीय विद्यालयों (KV) ने 98.55 प्रतिशत उत्तीर्णता दर के साथ सभी संस्थानों में पहला स्थान हासिल किया। जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) 98.47 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहे। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 89.55% और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का 86.07% रहा। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) ने 85.55 प्रतिशत और स्वतंत्र (प्राइवेट) स्कूलों ने 84.22 प्रतिशत का परिणाम दर्ज किया। यह आंकड़े बताते हैं कि केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों का शैक्षणिक प्रदर्शन लगातार बेहतर बना हुआ है।
परीक्षा परिणाम की घोषणा और पारदर्शिता
बोर्ड ने परीक्षा परिणाम 13 मई 2026 को जारी किया। सीबीएसई ने छात्रों को समय पर और पारदर्शी तरीके से परिणाम उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारी की थी। तकनीकी सहायता और बड़े स्तर की व्यवस्थाओं के साथ मूल्यांकन प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद छात्र अपने स्कूलों या बोर्ड की आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से अपने अंकों की जांच कर सकते हैं। इस वर्ष के नतीजे कई छात्रों के लिए उत्साहजनक रहे हैं, खासकर दक्षिण भारत के क्षेत्रों और केंद्रीय विद्यालयों के लिए।