सीबीएसई ने ओएसएम स्कैनिंग में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया, मूल्यांकन प्रक्रिया को बताया पारदर्शी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में स्कैनिंग संबंधी खामियों के आरोपों को बुधवार को सिरे से खारिज कर दिया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग, गुणवत्ता जांच और मूल्यांकन का हर चरण पूर्व निर्धारित मानकों और कड़ी निगरानी में संपन्न हुआ।

बोर्ड का आधिकारिक बयान

सीबीएसई ने अपने सोशल मीडिया चैनल पर जारी बयान में कहा कि मीडिया के कुछ वर्गों में चल रही खबरें कि स्कैनिंग प्रक्रिया जल्दबाजी या अपर्याप्त तैयारी के कारण प्रभावित हुई, पूरी तरह से तथ्यहीन हैं। बोर्ड के अनुसार, ओएसएम प्रणाली के तहत स्कैनिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, अंकन और मूल्यांकन सभी चरणों को पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। हर स्तर पर निरंतर निगरानी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को समाप्त किया जा सके।

छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह

बोर्ड ने एक राष्ट्रीय संस्थान के रूप में अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। इसी कारण हर चरण में गुणवत्ता जांच और निगरानी के कड़े प्रबंध किए गए थे। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और भ्रामक या गलत खबरों से दूर रहें।

पृष्ठभूमि: क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि सीबीएसई ने 13 मई को कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए थे, जिसमें 85 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सफल हुए। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में उत्तीर्ण प्रतिशत में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस वर्ष पहली बार बोर्ड ने 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए बड़े पैमाने पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का उपयोग किया। परिणाम जारी होने के बाद कुछ छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया और स्कैनिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, जिसके मद्देनजर बोर्ड लगातार स्पष्टीकरण जारी कर रहा है।

  • सीबीएसई ने ओएसएम प्रणाली की स्कैनिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और निगरानी युक्त बताया है।
  • बोर्ड ने भ्रामक खबरों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
  • पहली बार बड़े पैमाने पर लागू ओएसएम प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बाद बोर्ड ने अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है।