सीबीएसई का पश्चिम एशिया में कक्षा 12 के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली लागू
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पश्चिम एशिया के कई देशों में कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कदम उन क्षेत्रों में परीक्षा आयोजित करने में आने वाली चुनौतियों के मद्देनजर उठाया गया है, जिससे छात्रों के परिणाम निर्धारित समय पर जारी किए जा सकें। इस प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों की शैक्षणिक प्रगति बाधित न हो।
किन देशों के छात्रों पर लागू होगी यह व्यवस्था?
यह नई मूल्यांकन प्रणाली विशेष रूप से पश्चिम एशिया में स्थित सात देशों में पढ़ने वाले सीबीएसई छात्रों के लिए बनाई गई है। इन देशों में बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। बोर्ड ने इन क्षेत्रों की भौगोलिक और प्रशासनिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष प्रावधान लागू किया है।
रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया
सीबीएसई ने छात्रों को उनके द्वारा दी गई परीक्षाओं के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। प्रत्येक श्रेणी के लिए परिणाम तैयार करने का अलग तरीका निर्धारित किया गया है:
- सभी परीक्षाएं देने वाले छात्र: जिन छात्रों ने अपने सभी विषयों की बोर्ड परीक्षा दी है, उनका अंतिम परिणाम सामान्य प्रक्रिया के अनुसार बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही तैयार किया जाएगा।
- कुछ परीक्षाएं छूटने वाले छात्र: जो छात्र किसी कारणवश एक या अधिक विषयों की परीक्षा नहीं दे पाए हैं, उनके लिए स्कूल आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाएगी।
स्कूल आधारित मूल्यांकन का विवरण
उन छात्रों के लिए जो परीक्षा में शामिल नहीं हो सके, स्कूल द्वारा आयोजित आंतरिक परीक्षाओं के अंकों को आधार बनाया जाएगा। मूल्यांकन की यह प्रक्रिया विषयों के अंकों के अनुपात पर निर्भर करेगी:
- जिन विषयों में सैद्धांतिक परीक्षा 70 या 80 अंकों की है, वहां त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं में से सबसे अधिक अंकों को अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।
- जिन विषयों में सैद्धांतिक परीक्षा 60, 50 या 30 अंकों की है, वहां केवल अंतिम प्री-बोर्ड परीक्षा के अंकों को गिना जाएगा। यदि कोई छात्र अंतिम प्री-बोर्ड में शामिल नहीं हुआ है, तो पिछले प्री-बोर्ड के अंकों पर विचार किया जाएगा।
- प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) के अंक पहले की तरह ही अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे और इनमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
स्कूलों की भूमिका और जिम्मेदारियां
इस वैकल्पिक मूल्यांकन प्रक्रिया में स्कूलों की अहम भूमिका होगी। सीबीएसई ने सभी संबंधित स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन, प्रैक्टिकल परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक रिकॉर्ड को सही ढंग से संकलित करें। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सावधानी के साथ पूरी की जानी चाहिए, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सुझाव
सीबीएसई ने छात्रों और उनके अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने-अपने स्कूलों के नियमित संपर्क में रहें। मूल्यांकन प्रक्रिया और परिणाम से जुड़ी किसी भी नई जानकारी या अपडेट के लिए स्कूल ही सबसे भरोसेमंद स्रोत होंगे। बोर्ड की यह पहल सुनिश्चित करती है कि विभिन्न क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो और उन्हें समय पर उनका परिणाम प्राप्त हो सके।