सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026: किस विषय का पेपर रहा सबसे आसान और कहां हुई परेशानी?
सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं की मुख्य विषयों की परीक्षाएं 7 मार्च 2026 तक सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं। इस वर्ष के प्रश्नपत्रों में अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित रहे, जिससे छात्रों को काफी हद तक राहत मिली। हालांकि, कुछ विषयों में कुछ विशेष खंडों ने छात्रों की चिंता बढ़ाई। आइए, विस्तार से जानते हैं कि किस विषय का पेपर कैसा रहा और छात्रों को कहां चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
हिंदी विषय: संतुलित और पाठ्यक्रम पर आधारित
2 मार्च को आयोजित हिंदी विषय की परीक्षा को अधिकांश छात्रों ने संतुलित बताया। प्रश्नपत्र की संरचना सीधी और स्पष्ट थी, जिसमें अधिकतर प्रश्न पाठ्यपुस्तकों से पूछे गए थे। हालांकि, कुछ छात्रों के अनुसार, लेखन और व्याख्या से जुड़े प्रश्नों में थोड़ी अधिक सोचने की आवश्यकता पड़ी। इन प्रश्नों को हल करने में समय लगा, लेकिन कुल मिलाकर परीक्षा का स्तर आसान से मध्यम रहा। जिन छात्रों ने पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से पढ़ा था, उनके लिए यह पेपर काफी आसान साबित हुआ।
अंग्रेजी विषय: अनसीन पैसेज बना चुनौती
अंग्रेजी विषय की परीक्षा 21 फरवरी को हुई, जिसमें छात्रों को सबसे अधिक परेशानी अनसीन पैसेज (अपठित गद्यांश) से हुई। परीक्षा में 10-10 अंकों के दो अनसीन पैसेज दिए गए थे, जिन्हें छात्रों ने काफी भ्रामक और कठिन बताया। इन गद्यांशों में पूछे गए प्रश्नों को समझने और उनके उत्तर निकालने में छात्रों को विशेष मेहनत करनी पड़ी। इसके अलावा, पेपर के अन्य भाग संतुलित और पाठ्यक्रम पर आधारित थे, लेकिन अनसीन पैसेज ने कई छात्रों का आत्मविश्वास डगमगा दिया।
गणित विषय: मिली-जुली प्रतिक्रिया और बहस का विषय
17 फरवरी को गणित विषय की परीक्षा के साथ ही 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत हुई थी। इस पेपर को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच सोशल मीडिया पर काफी बहस देखने को मिली। कई छात्रों ने पेपर को संतुलित और एनसीईआरटी आधारित बताते हुए इसे आसान पाया। वहीं, दूसरी ओर, कुछ छात्रों के लिए त्रिकोणमिति (ट्रिग्नोमेट्री) और वृत्त (सर्कल) से जुड़े प्रश्न काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुए। शिक्षकों के अनुसार, पेपर का समग्र स्तर मध्यम था और जिन छात्रों ने अच्छी तैयारी की थी, उन्हें अच्छे अंक मिलने की उम्मीद है। यह पेपर उन छात्रों के लिए आसान था जिन्होंने कॉन्सेप्ट को समझकर पढ़ाई की थी।
विज्ञान विषय: मध्यम से आसान, न्यूमेरिकल्स ने दिया टेंशन
25 फरवरी को आयोजित विज्ञान विषय की परीक्षा को छात्रों और शिक्षकों ने मध्यम से आसान स्तर का बताया। प्रश्नपत्र में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान तीनों ही विषयों से प्रश्न शामिल थे। बहुविकल्पीय (MCQ) और केस-आधारित प्रश्नों ने पेपर को रोचक बनाया। हालांकि, भौतिकी में पूछे गए न्यूमेरिकल्स (संख्यात्मक प्रश्न) ने कई छात्रों को परेशान किया। पूरे पेपर में कोई भी प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर नहीं था और अधिकांश छात्र निर्धारित समय से पहले ही अपनी परीक्षा पूरी करने में सफल रहे। कुल मिलाकर, यह पेपर छात्रों के लिए संतुलित और अनुमानित था।
सामाजिक विज्ञान: सरल और समयबद्ध
7 मार्च को सामाजिक विज्ञान (हिंदी माध्यम) की परीक्षा के साथ मुख्य विषयों की परीक्षाएं समाप्त हो गईं। इस पेपर को अधिकांश छात्रों ने आसान से मध्यम स्तर का पाया। प्रश्नपत्र पूरी तरह से एनसीईआरटी की पुस्तकों पर आधारित था और छात्रों को इसे हल करने में समय की कोई कमी नहीं हुई। हालांकि, कुछ छात्रों ने इतिहास के प्रश्नों को थोड़ा पेचीदा बताया, लेकिन समग्र रूप से पेपर को सरल और संतुलित माना गया। जिन छात्रों ने पाठ्यक्रम को रटने के बजाय समझकर पढ़ा था, उनके लिए यह परीक्षा काफी आसान साबित हुई।
कंप्यूटर एप्लीकेशन: आसान और स्कोरिंग
27 फरवरी को कंप्यूटर एप्लीकेशन, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषयों की परीक्षा हुई। इस पेपर का समग्र कठिनाई स्तर मध्यम से आसान रहा। व्यक्तिपरक प्रश्न सीधे, स्पष्ट और हल करने में आसान थे। इस पेपर ने छात्रों को अच्छे अंक प्राप्त करने का एक शानदार अवसर प्रदान किया। जिन छात्रों ने इस विषय को चुना था, उनके लिए यह परीक्षा काफी संतोषजनक रही।
- हिंदी: संतुलित, लेखन और व्याख्या में थोड़ी मेहनत जरूरी।
- अंग्रेजी: अनसीन पैसेज कठिन, बाकी पेपर संतुलित।
- गणित: एनसीईआरटी आधारित, त्रिकोणमिति और वृत्त के प्रश्न चुनौतीपूर्ण।
- विज्ञान: मध्यम से आसान, भौतिकी के न्यूमेरिकल्स ने परेशान किया।
- सामाजिक विज्ञान: सरल और समयबद्ध, इतिहास के कुछ प्रश्न पेचीदा।
- कंप्यूटर एप्लीकेशन: आसान और बेहतरीन स्कोरिंग का अवसर।