सीबीएसई दसवीं: कंपार्टमेंट छात्रों को अब मिलेंगे तीन अवसर, जानें पूरी डिटेल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं कक्षा के उन छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर दी है जो अपनी परीक्षा में कंपार्टमेंट आने के कारण चिंतित हैं। बोर्ड ने अब ऐसे विद्यार्थियों को पास होने के लिए एक के बजाय तीन मौके देने का फैसला किया है। इस नई नीति के तहत छात्रों को अपना शैक्षणिक वर्ष बर्बाद किए बिना परीक्षा उत्तीर्ण करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
दसवीं के नतीजों में देशभर के लगभग 1,47,172 छात्रों को कंपार्टमेंट मिली है। सीबीएसई की दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली के अनुसार, अब इन छात्रों को अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए तीन अलग-अलग समय पर परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा।
तीन मौकों की समय-सारणी
नई व्यवस्था के तहत कंपार्टमेंट वाले छात्रों को पहला अवसर मई 2026 में सुधार परीक्षा के रूप में मिलेगा। यदि कोई छात्र इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे दूसरा मौका फरवरी 2027 में दिया जाएगा। तीसरा और अंतिम मौका मई 2027 में आयोजित किया जाएगा। यदि तीनों प्रयासों के बाद भी छात्र पास नहीं होता है, तो उसे सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी होगी।
अतिरिक्त विषय की अनुमति समाप्त
बोर्ड ने दसवीं पास करने के बाद अतिरिक्त विषय के साथ परीक्षा में बैठने की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों को अतिरिक्त विषयों की परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुनर्मूल्यांकन की सुविधा
दोनों परीक्षाओं (पहली और दूसरी) के लिए उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की ऑनलाइन सुविधा दूसरी परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद उपलब्ध होगी। इस सुविधा का उपयोग ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए किया जा सकता है।
एलओसी और शुल्क प्रक्रिया
दूसरी परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों की अलग से लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (एलओसी) भरी जाएगी। इस प्रक्रिया में नए नाम नहीं जोड़े जाएंगे। एलओसी भरने की प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होकर 20 अप्रैल तक चलेगी। 21 से 22 अप्रैल तक लेट फीस के साथ एलओसी तैयार की जाएगी।
- प्रति विषय के लिए परीक्षा शुल्क 320 रुपये निर्धारित किया गया है।
- तीन विषयों के लिए कुल 960 रुपये का भुगतान करना होगा।
- लेट फीस के रूप में अतिरिक्त 2000 रुपये देने होंगे।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
बोर्ड ने दूसरी परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम जारी किए हैं, जिन्हें छात्रों को ध्यान में रखना चाहिए:
- जो छात्र दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन उनके नाम पहले चरण की एलओसी में नहीं थे, वे अब अपने नाम प्रस्तुत कर शुल्क जमा कर सकते हैं।
- जिन छात्रों के नाम पहले चरण में दर्ज हो चुके हैं, वे अब केवल परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं।
- यदि किसी छात्र ने पहले नाम प्रस्तुत किया था लेकिन अब दूसरी परीक्षा में नहीं बैठना चाहता, तो वह अपना नाम वापस ले सकता है।
- दूसरी परीक्षा में छात्र गणित के विकल्प में बदलाव कर सकते हैं। मुख्य परीक्षा में गणित स्टैंडर्ड लेने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में गणित बेसिक का विकल्प चुन सकते हैं। अन्य विषयों में किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होगा।
- सभी पास छात्र दूसरी परीक्षा में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकते हैं।
- जो छात्र ईआर (एसेंशियल रिपीट) श्रेणी में आते हैं, वे दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते।
- यदि किसी छात्र का नाम एलओसी में है और शुल्क जमा हो चुका है, लेकिन वह दूसरी परीक्षा में उपस्थित नहीं होता, तो मुख्य परीक्षा 2026 में उसका प्रदर्शन अंतिम माना जाएगा।
- दूसरी परीक्षा मुख्य परीक्षा 2026 के पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की जाएगी।
यह नई नीति छात्रों को अपनी गलतियों को सुधारने और बिना अतिरिक्त वर्ष गंवाए आगे बढ़ने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। बोर्ड ने सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।