NEET UG 2026 पेपर लीक मामला: सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, विशेष टीमें जांच में जुटीं
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले में औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया है। यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें गड़बड़ी की खबरों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए सीबीआई को सौंपा है, जिसने अब कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर कार्रवाई
सीबीआई ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की है। इस शिकायत में परीक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। एजेंसी ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं को शामिल किया है, जिनमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करना प्रमुख हैं।
इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। यह कदम सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयासों को दर्शाता है।
जांच के लिए विशेष टीमों का गठन
सीबीआई ने इस मामले की जांच के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है, जिन्हें देशभर के विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है। ये टीमें कथित पेपर लीक नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों के बीच हुए आर्थिक लेन-देन और अन्य आपराधिक पहलुओं की गहराई से पड़ताल करेंगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा की गोपनीयता से कैसे समझौता किया गया और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका रही।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के अनुसार, परीक्षा के चार दिन बाद 7 मई की शाम को गड़बड़ियों की सूचना मिली थी। इसके अगले ही दिन मामले को आगे की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया।
दोबारा परीक्षा की घोषणा
एनटीए ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं से मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया। अब जल्द ही दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी।
यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख पंजीकृत अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र अब नई तिथियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सीबीआई की जांच के नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि इस बड़े पैमाने पर हुई अनियमितता के पीछे कौन से तत्व जिम्मेदार हैं।
- सीबीआई ने उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की
- आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं
- जांच के लिए देशभर में विशेष टीमें रवाना
- एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन की घोषणा की