बजट 2026-27: शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास को प्रमुखता दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में भविष्य की तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मेडिकल शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने देश के हर जिले में महिला छात्रावास खोलने की घोषणा की है, जिससे लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल शिक्षा और महिला छात्रावासों पर फोकस
वित्त मंत्री ने इस बजट को ‘युवा शक्ति से प्रेरित बजट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है। बजट में मेडिकल शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए तीन नए आयुर्वेद कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है। साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों में कॉर्पोरेट मित्र बनाने की योजना है, जिससे पेशेवर संस्थानों को बेहतर सुविधा और प्रशिक्षण मिल सकेगा।
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की है। यह कदम महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने में मदद करेगा।
तकनीकी विकास और कुशल कार्यबल पर जोर
वित्त मंत्री ने अत्याधुनिक तकनीक की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एआई हमें आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार रोजगार सृजन में उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस दिशा में ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ शुरू किया जाएगा, जिसके तहत उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य तकनीक और कुशल कार्यबल विकसित करना होगा।
प्रमुख घोषणाएं और योजनाएं
- पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापित की जाएंगी।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना की जाएगी।
- 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल विकास के लिए विशेष योजना शुरू होगी।
- नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी।
- आईआईटी मुंबई के सहयोग से 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब खोले जाएंगे।
शिक्षा बजट: पिछले वर्षों का रुझान
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट आवंटन में लगातार वृद्धि की है। वर्ष 2021-22 में 93,224.31 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2024-25 में 1,48,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था। हालांकि, 2025-26 में यह आवंटन घटकर 1,28,650.05 करोड़ रुपये रह गया था। नए बजट में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे देश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकेंगे।