बजट 2026: युवाओं के लिए क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की नई राह
केंद्रीय बजट 2026 में डिजिटल क्रिएटर्स और डिजाइन के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की गई है। सरकार ने देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में विशेष कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य युवाओं को रचनात्मक और तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी पहचान बना सकें।
क्रिएटर लैब्स: क्या है पूरी योजना?
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि ये लैब्स इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT), मुंबई के सहयोग से संचालित होंगी। इनका फोकस AVGC यानी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर होगा। स्कूल और कॉलेज स्तर पर इन लैब्स के जरिए छात्रों को डिजिटल कंटेंट क्रिएशन का व्यावहारिक अनुभव देने की योजना है। इससे कम उम्र में ही छात्रों में क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के प्रति रुचि विकसित होगी और वे उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार हो सकेंगे।
टेक दिग्गजों का सहयोग
इस परियोजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने उद्योग जगत की प्रमुख कंपनियों को भी शामिल किया है। पिछले साल IICT ने गूगल, यूट्यूब, मेटा, एडोबी, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, वैकॉम और जियोस्टार जैसी कंपनियों को इंडस्ट्री पार्टनर बनाया था। ये कंपनियां पाठ्यक्रम विकसित करने, इंटर्नशिप और छात्रवृत्ति प्रदान करने के साथ-साथ क्रिएटिव टेक स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन सपोर्ट भी देंगी। इस साझेदारी से छात्रों को वास्तविक दुनिया के अनुभव और उद्योग की बेहतर समझ मिलेगी।
स्टार्टअप्स और डिजाइन शिक्षा पर विशेष जोर
बजट में क्रिएटिव इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई और घोषणाएं भी की गई हैं। IICT ने पिछले वर्ष वेवएक्स मीडिया-टेक स्टार्टअप इन्क्यूबेटर प्रोग्राम शुरू किया था, जिसके पहले बैच में 15 स्टार्टअप्स को इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेंटरशिप और वैश्विक भागीदारों तक पहुंच प्रदान की गई। इसके अलावा, डिजाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूर्वी भारत में एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि डिजाइन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन देश में प्रशिक्षित डिजाइनरों की कमी है, जिसे दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार
सरकार ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई योजनाएं प्रस्तुत की हैं। बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने में राज्यों की मदद की जाएगी। इन टाउनशिप में विश्वविद्यालय, कॉलेज, अनुसंधान संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय सुविधाएं शामिल होंगी। महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए हर जिले में एक छात्रावास बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे उच्च शिक्षा में लड़कियों की ड्रॉपआउट दर को कम किया जा सके।
विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को बढ़ावा
बजट 2026 में खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान को प्रोत्साहित करने के लिए चार प्रमुख दूरबीन सुविधाओं को स्थापित या उन्नत करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इनमें राष्ट्रीय लार्ज सोलर टेलीस्कोप, राष्ट्रीय लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप और कॉसमॉस 2 प्लेनेटेरियम शामिल हैं। यह पहल वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और देश में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।