BSNL का बड़ा कदम: 60 हजार नए टावर और ट्रूकॉलर जैसी सेवा की तैयारी

सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL एक बार फिर से बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी ने अपने नेटवर्क को विस्तार देने और ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई बड़ी योजनाएं बनाई हैं। इनमें सबसे प्रमुख है 60,000 नए मोबाइल टावरों की स्थापना और कॉलर नेम प्रजेंटेशन (CNAP) सेवा की शुरुआत, जो ट्रूकॉलर की तरह काम करेगी।

नेटवर्क विस्तार को मिलेगी रफ्तार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद में जानकारी दी कि BSNL अपने मौजूदा नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए 50,000 से 60,000 नए टावर लगाने जा रही है। फिलहाल कंपनी के लगभग 1 लाख टावर पहले से ही स्वदेशी तकनीक पर 4G सेवाएं दे रहे हैं। खास बात यह है कि यह पूरा ढांचा देश में ही विकसित 4G स्टैक पर आधारित है, जिससे भविष्य में इसे 5G में बदलना आसान होगा। इसके लिए केवल कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर में कुछ बदलाव और कुछ अतिरिक्त साइटों की जरूरत होगी।

18 साल बाद मुनाफे का सफर

वित्तीय स्थिति के लिहाज से BSNL के लिए यह समय काफी अच्छा रहा है। 18 साल के लंबे अंतराल के बाद कंपनी ने 262 करोड़ रुपये का तिमाही लाभ कमाया है। वित्त वर्ष 2023-24 में जहां कंपनी का परिचालन लाभ (EBITDA) 2,395 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 5,100 करोड़ रुपये हो गया। मंत्री सिंधिया को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा दो अंकों की वृद्धि दर से आगे बढ़ेगा। इसके अलावा, कंपनी ने 4G नेटवर्क तैयार करने के लिए सिर्फ एक साल में 20,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया है।

ग्राहकों की बढ़ती संख्या

निजी दूरसंचार कंपनियों के महंगे होते प्लान के कारण लोग एक बार फिर BSNL की ओर रुख कर रहे हैं। जून 2024 में जहां BSNL के पास 8.55 करोड़ ग्राहक थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 9.27 करोड़ तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा बताता है कि कंपनी की सस्ती दरें और बेहतर सेवाएं ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।

ट्रूकॉलर जैसी सेवा होगी शुरू

BSNL जल्द ही अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित CNAP (कॉलर नेम प्रजेंटेशन) सेवा को व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने वाली है। यह सेवा अगले 3-4 महीनों में देशभर में उपलब्ध हो जाएगी। C-DoT द्वारा विकसित इस तकनीक में फोन आने पर कॉलर का वही नाम दिखाई देगा जो उसके KYC रिकॉर्ड में दर्ज है। इससे फ्रॉड कॉल और स्पैम कॉल पर प्रभावी रोक लगेगी। यह सेवा मोबाइल पर डिफॉल्ट रूप से एक्टिव रहेगी, लेकिन उपयोगकर्ता चाहें तो इसे बंद भी कर सकते हैं।

BSNL के इन कदमों से साफ है कि कंपनी निजी दूरसंचार कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। नेटवर्क विस्तार, मुनाफे में वृद्धि और नई सेवाओं के साथ BSNL एक बार फिर से दूरसंचार बाजार में अपनी अहमियत साबित करने जा रही है।