BSEB OFSS 11वीं प्रवेश 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़कर 18 मई हुई, जानें नया शेड्यूल
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने ऑनलाइन सुविधा प्रणाली (OFSS) के तहत कक्षा 11वीं में दाखिले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए पहली मेरिट सूची में चयनित छात्रों को राहत देते हुए बोर्ड ने प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब ये छात्र 18 मई 2026 तक अपनी सीटों की पुष्टि कर सकेंगे।
पहले यह प्रक्रिया 5 मई से 12 मई 2026 के बीच पूरी होनी थी। लेकिन कई छात्र निर्धारित समय में आवेदन नहीं कर पाए, जिसके चलते बोर्ड ने तारीखों में विस्तार किया है। यह कदम उन अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा है जो अब तक प्रवेश नहीं ले पाए थे।
संशोधित कार्यक्रम जारी
बिहार बोर्ड द्वारा जारी नए शेड्यूल के अनुसार, 14 मई तक हुए प्रवेशों की जानकारी संबंधित संस्थानों को 15 मई तक OFSS पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। वहीं, 18 मई तक होने वाले सभी एडमिशन का डेटा 19 मई तक अपलोड करना अनिवार्य होगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूल और कॉलेज रोजाना OFSS पोर्टल को अपडेट करेंगे। ऑनलाइन डेटा एंट्री और दस्तावेजों के सत्यापन की अंतिम तिथि 19 मई 2026 रखी गई है। इसके बाद कोई भी बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चयन की स्थिति कैसे देखें
छात्र OFSS पोर्टल पर जाकर अपनी सीट आवंटन की स्थिति आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले OFSS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- “Selection Status” सेक्शन पर क्लिक करें।
- यहां आपको आवंटित स्कूल या कॉलेज की पूरी जानकारी दिखेगी।
- इंटीमेशन लेटर डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट निकाल लें।
- सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित संस्थान में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें।
समय सीमा का पालन न करने पर सीट होगी रद्द
बिहार बोर्ड ने छात्रों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि बढ़ाई गई तारीखों के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो आवंटित सीट अपने आप रद्द हो जाएगी। ऐसी खाली सीटों को बाद में दूसरी मेरिट सूची में शामिल छात्रों को आवंटित किया जाएगा।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे समय पर प्रवेश सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। यह विस्तार उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे या अपनी सीट की पुष्टि नहीं कर पाए थे।