BSEB 10वीं परिणाम 2026: उत्तीर्ण प्रतिशत में मामूली गिरावट, लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ा

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आज, 29 मार्च 2026 को कक्षा 10वीं की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष कुल 81.79% छात्र सफल हुए हैं, जो पिछले वर्ष के 82.11% की तुलना में 0.32% कम है। हालांकि यह गिरावट मामूली है, लेकिन इसने शिक्षा जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बार के नतीजों में क्या खास रहा।

परीक्षा आयोजन और कुल आंकड़े

बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 2026 का आयोजन 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक प्रदेश भर में स्थित 1,699 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। कुल 15,10,928 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जिनमें 7,26,057 छात्र और 7,84,871 छात्राएं शामिल थीं। इनमें से 12,35,743 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की।

उत्तीर्ण प्रतिशत में गिरावट के कारण

पिछले वर्ष 2025 में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 82.11% था, जो इस वर्ष घटकर 81.79% रह गया। हालांकि यह अंतर केवल 0.32% का है, लेकिन यह दर्शाता है कि इस बार परीक्षा में थोड़ी कठोरता रही होगी या छात्रों की तैयारी में कुछ कमी आई होगी। वहीं, पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 में 79.88%, 2023 में 81.04%, 2024 में 82.91% और 2025 में 82.11% उत्तीर्ण प्रतिशत रहा था।

लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर

इस वर्ष के परिणामों में सबसे उल्लेखनीय पहलू लड़कियों का शानदार प्रदर्शन रहा। कुल उत्तीर्ण छात्राओं की संख्या 6,34,353 है, जबकि उत्तीर्ण छात्रों की संख्या 6,01,390 है। हालांकि उत्तीर्ण प्रतिशत के मामले में लड़के 82.84% के साथ आगे हैं, जबकि लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.86% है। यह अंतर इसलिए है क्योंकि लड़कियों की कुल संख्या परीक्षा में शामिल होने वालों में अधिक थी। फिर भी, कुल उत्तीर्ण छात्राओं की संख्या अधिक होना लड़कियों की बढ़ती शैक्षणिक भागीदारी को दर्शाता है।

श्रेणीवार परिणाम और टॉपर्स

इस वर्ष के नतीजों में श्रेणीवार वितरण इस प्रकार रहा:

  • प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण: 4,43,723 विद्यार्थी
  • द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण: 4,75,511 विद्यार्थी
  • तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण: 3,03,103 विद्यार्थी

टॉप-10 की सूची में कुल 139 विद्यार्थियों ने स्थान बनाया, जो पिछले वर्ष के 123 से अधिक है। इस बार टॉप करने का गौरव पुष्पांजलि कुमारी और सबरीन परवीन को मिला, जिन्होंने 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया।

पिछले वर्ष (2025) से तुलना

वर्ष 2025 में कुल 15,58,077 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 12,79,294 सफल हुए थे। तब उत्तीर्ण प्रतिशत 82.11% था। उस वर्ष प्रथम श्रेणी में 4,70,845, द्वितीय श्रेणी में 4,84,012 और तृतीय श्रेणी में 3,07,792 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे। टॉप-10 सूची में 123 विद्यार्थी शामिल थे, जिनमें 60 छात्राएं और 63 छात्र थे। टॉपर्स साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी और रंजन वर्मा ने 489 अंक (97.80%) प्राप्त किए थे।

पांच वर्षों का रुझान

बिहार बोर्ड 10वीं के परिणामों में पिछले पांच वर्षों का रुझान इस प्रकार रहा है:

  • 2022: 79.88% (31 मार्च को जारी)
  • 2023: 81.04% (31 मार्च को जारी)
  • 2024: 82.91% (31 मार्च को जारी)
  • 2025: 82.11% (29 मार्च को जारी)
  • 2026: 81.79% (29 मार्च को जारी)

यह आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में उत्तीर्ण प्रतिशत में हल्की गिरावट आई है, लेकिन यह 2022 और 2023 के स्तर से अभी भी बेहतर है।

परिणाम देखने की प्रक्रिया

छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, फिर मैट्रिक रिजल्ट 2026 के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद मांगे गए क्रेडेंशियल दर्ज करें, जैसे रोल नंबर और जन्मतिथि। परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे ध्यानपूर्वक जांचें और फिर डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रखें।

निष्कर्ष

बिहार बोर्ड 10वीं के परिणाम 2026 में मामूली गिरावट के बावजूद, छात्राओं का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। टॉपर्स ने उच्च अंक प्राप्त कर मेहनत का परिचय दिया है। यह उम्मीद की जाती है कि आने वाले वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी और उत्तीर्ण प्रतिशत में सुधार देखने को मिलेगा।