दिमागी संकेतों से काम करेगी यह स्मार्ट कैप, सर्जरी की जरूरत नहीं

तकनीक की दुनिया में एक नई क्रांति आने वाली है, जहां गैजेट्स को सिर्फ सोचकर नियंत्रित किया जा सकेगा। कैलिफोर्निया स्थित एक स्टार्टअप ‘साबी’ एक ऐसी वियरेबल कैप विकसित कर रहा है, जो बिना किसी सर्जरी के दिमाग के संकेतों को पढ़ सकेगी। इस टोपी को पहनकर उपयोगकर्ता बिना कीबोर्ड छुए केवल अपने विचारों से स्क्रीन पर टाइप कर सकेंगे। यह तकनीक एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इसमें दिमाग में कोई चिप नहीं लगानी होगी।

कैसे काम करती है यह माइंड-रीडिंग तकनीक?

साबी की यह स्मार्ट कैप EEG (इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी) तकनीक पर आधारित है। दरअसल, इसमें सिर पर लगाए जाने वाले सेंसर दिमाग की विद्युतीय गतिविधियों को रिकॉर्ड करते हैं। आमतौर पर अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली EEG मशीनों में कुछ ही सेंसर होते हैं, लेकिन साबी की इस खास टोपी में हजारों सेंसर लगे होंगे। ये सेंसर दिमाग के संकेतों को बेहद बारीकी और सटीकता से पकड़ सकेंगे। कंपनी एक विशेष AI मॉडल भी विकसित कर रही है, जिसे बड़े पैमाने पर ब्रेन डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है। यह AI मॉडल दिमागी संकेतों के पैटर्न को समझकर सही आउटपुट देने में सक्षम होगा।

इस तकनीक से क्या-क्या संभव होगा?

शुरुआत में इसका सबसे प्रमुख उपयोग विचारों को टेक्स्ट में बदलने के लिए किया जाएगा। इसका मतलब है कि आपको कीबोर्ड को छूने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि आप जो सोचेंगे, वह सीधे स्क्रीन पर टाइप हो जाएगा। फिलहाल इसकी शुरुआती टाइपिंग स्पीड लगभग 30 शब्द प्रति मिनट (WPM) होने का अनुमान है। यह स्पीड भले ही अभी कम लगे, लेकिन AI की मदद से यह उपयोग के साथ-साथ और बेहतर होती जाएगी। भविष्य में इस तकनीक के जरिए आप सिर्फ सोचकर ही अपने मोबाइल ऐप्स और स्मार्ट डिवाइसेस को पूरी तरह से नियंत्रित कर सकेंगे।

कौन है इस स्टार्टअप के पीछे?

इस स्टार्टअप को प्रसिद्ध निवेशक विनोद खोसला का समर्थन प्राप्त है और इसके सह-संस्थापक राहुल छाबड़ा हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उपयोगकर्ताओं के डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा पर उनका पूरा ध्यान रहेगा। बिना शरीर के अंदर चिप लगाए दिमाग के संकेतों को पढ़ना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है, इसलिए इसकी सटीकता पर अभी भी कुछ सवाल हैं। लेकिन चूंकि इसमें कोई सर्जरी नहीं होनी है, इसलिए इसकी टेस्टिंग करना और इसे आम लोगों तक पहुंचाना न्यूरालिंक के मुकाबले काफी आसान है।

बाजार में कब तक आएगी यह कैप?

साबी का दावा है कि यह प्रोडक्ट इस साल के अंत तक बाजार में उपलब्ध हो सकता है। हालांकि अभी इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए वेटलिस्ट पहले ही शुरू कर दी गई है। यह डिवाइस रातों-रात कीबोर्ड की जगह नहीं लेगी, लेकिन अगर यह कंपनी के दावों के अनुसार सफल रही, तो भविष्य में तकनीक के इस्तेमाल का तरीका पूरी तरह से बदल सकता है।