बिट्स पिलानी गोवा परिसर में दुखद घटना: छात्रा की संदिग्ध आत्महत्या, दो वर्षों में छठा मामला

दक्षिण गोवा स्थित बिट्स पिलानी परिसर में एक बार फिर एक दुखद घटना सामने आई है। यहां तीसरे वर्ष की एक इंजीनियरिंग छात्रा ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय यह छात्रा रविवार देर रात अपने छात्रावास के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई पाई गई। यह घटना पिछले दो वर्षों में इस परिसर में आत्महत्या का छठा मामला है, जिसने शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

घटना का विवरण और पुलिस जांच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा का शव उसके कमरे में छत के पंखे से बंधी बेडशीट में लटका हुआ मिला। वेर्णा पुलिस को रात लगभग 11:30 बजे इस घटना की सूचना मिली। मृतका बेंगलुरु की मूल निवासी थी और बिट्स पिलानी के गोवा परिसर में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) की पढ़ाई कर रही थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस छात्रा के परिजनों और दोस्तों से पूछताछ कर रही है।

पिछले दो वर्षों में छठी घटना

बिट्स पिलानी के वास्को स्थित इस परिसर में छात्रों द्वारा आत्महत्या के बढ़ते मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। पिछले दो वर्षों में यह छठी ऐसी घटना है जिसने पूरे शैक्षणिक समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। इस मुद्दे पर हाल ही में गोवा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी चर्चा हुई थी। उस समय मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सदन को बताया था कि कुछ मामलों में परीक्षाओं के दबाव के कारण छात्र इस तरह का कदम उठा रहे हैं। यह स्थिति शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

संस्थान की प्रतिक्रिया और सहायता उपाय

बिट्स पिलानी प्रशासन ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संस्थान की ओर से जारी बयान में बताया गया कि छात्रा पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी और उसका इलाज भी चल रहा था। बयान में कहा गया है, ‘इस अत्यंत कठिन समय में हम शोक संतप्त परिवार, उनके दोस्तों और पूरे परिसर समुदाय के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं।’

संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिसर में एक सक्रिय छात्र सहायता और परामर्श प्रणाली मौजूद है। छात्रों और कर्मचारियों को मानसिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर कैंपस में उपलब्ध हैं। बिट्स पिलानी ने सभी छात्रों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की भावनात्मक परेशानी महसूस कर रहे हैं, तो बिना संकोच मदद लें और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता

यह घटना एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक दबाव, करियर की चिंताएं और व्यक्तिगत समस्याएं छात्रों को मानसिक रूप से प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में संस्थानों को न केवल परामर्श सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए, बल्कि एक सुरक्षित और सहायक वातावरण भी बनाना चाहिए जहां छात्र बेझिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें।

  • छात्रों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • नियमित मानसिक स्वास्थ्य जांच और कार्यशालाओं का आयोजन आवश्यक है।
  • परिवार और संस्थान के बीच बेहतर संवाद स्थापित होना चाहिए।
  • पीयर सपोर्ट ग्रुप बनाकर छात्रों को आपसी सहयोग के लिए प्रेरित किया जा सकता है।