आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से बिल गेट्स की मुलाकात, डिजिटल मॉडल को सराहा

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और गेट्स फाउंडेशन के प्रमुख बिल गेट्स ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से अमरावती में मुलाकात की। इस बैठक में राज्य सरकार की तकनीकी पहलों पर विस्तार से चर्चा हुई। बिल गेट्स फिलहाल नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में भाग लेने भारत आए हैं और इस दौरान वे कई राज्यों का दौरा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ गेट्स का परिचय कराया। इस अवसर पर आईटी मंत्री नारा लोकेश, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। गन्नवरम हवाई अड्डे पर बिल गेट्स का स्वागत नारा लोकेश और अन्य मंत्रियों ने किया।

रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम की सराहना

मुख्यमंत्री नायडू ने राज्य सचिवालय में एक विशेष प्रस्तुति के माध्यम से बिल गेट्स को रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (RTGS) की क्षमताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य ने ‘डेटा लेक’ के जरिए सभी सरकारी विभागों को एक मंच पर जोड़ा है। Aware 2.0 प्लेटफॉर्म की मदद से सरकार अब हर समस्या पर वास्तविक समय में नजर रख रही है और तुरंत निर्णय ले रही है। नायडू ने यह भी बताया कि जनता की राय और योजनाओं की सफलता को अब आंकड़ों के जरिए सीधे मॉनिटर किया जा रहा है।

ब्लॉकचेन तकनीक से जमीन रिकॉर्ड की सुरक्षा

जब बिल गेट्स ने संपत्ति के रिकॉर्ड की सुरक्षा के बारे में पूछा, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जमीनी रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने के लिए अब क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की हेराफेरी को रोका जा सके। गेट्स ने आंध्र प्रदेश के टैक्स कलेक्शन मॉडल को ‘शानदार’ बताया और इसकी सराहना की।

संजीवनी परियोजना और स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव

बिल गेट्स ने चित्तूर जिले के कुप्पम में चल रही ‘संजीवनी’ परियोजना के बारे में भी जानकारी ली। यह परियोजना स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देने की एक पहल है, जो गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से संचालित हो रही है। उन्होंने पूछा कि ब्लड शुगर, डायबिटीज और अन्य जांचों का डेटा कैसे दर्ज किया जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। गेट्स ने इस परियोजना के कार्यान्वयन की प्रशंसा की।

बैठक में बायो-डिजाइन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी पर भी चर्चा हुई। गेट्स ने कहा कि सस्ती जांच सुविधाएं गरीबों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती हैं।

अमरावती और ‘स्वर्ण आंध्र 2047’ विजन

मुख्यमंत्री नायडू ने बिल गेट्स को ग्रीनफील्ड राजधानी अमरावती के निर्माण की प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सुनियोजित विकास के साथ इस शहर को तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नायडू गेट्स को ‘स्वर्ण आंध्र 2047’ विजन पर भी प्रस्तुति देंगे, जिसमें राज्य को विकसित और समृद्ध बनाने की दीर्घकालिक योजना शामिल है।

सचिवालय में बैठकों के बाद बिल गेट्स के अमरावती के उंडावल्ली गांव स्थित एक फार्म पर जाने की संभावना है। वहां वे खेती में ड्रोन और AI तकनीक के उपयोग को देखेंगे। यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है।

सहयोग को मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री नायडू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि तकनीक का उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में बिल गेट्स से हुई मुलाकात ने उन्हें तकनीक आधारित नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरित किया था।

राज्य सरकार ने गेट्स से अनुरोध किया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं का विस्तार पूरे आंध्र प्रदेश में किया जाए। दोनों पक्षों के बीच स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और तकनीक आधारित शासन में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

गौरतलब है कि बिल गेट्स पहले भी अविभाजित आंध्र प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। इस बार की यात्रा मुख्यमंत्री नायडू के आमंत्रण पर हुई है, जिसका उद्देश्य राज्य और गेट्स फाउंडेशन के बीच साझेदारी को और गहरा करना है।