बिहार में सरकार गठन को लेकर सियासी सरगर्मी तेज, भाजपा ने शिवराज चौहान को सौंपी अहम जिम्मेदारी

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद प्रदेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बदलाव के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने उन्हें बिहार में अपने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

सीएम आवास पर अहम बैठक और विधायकों को निर्देश

सूत्रों के अनुसार, 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। भाजपा और जनता दल यूनाइटेड दोनों दलों के विधायकों को पटना में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में मंत्रिमंडल के विस्तार, मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि अगले दो दिनों में इन सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।

नीतीश कुमार का इस्तीफा और नई सरकार की तारीख

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने जानकारी दी है कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होगी। संभावना जताई जा रही है कि 13 अप्रैल को मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक हो सकती है। इसके बाद खरमास खत्म होने पर 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

उप मुख्यमंत्रियों की सीएम आवास पर मुलाकात

राजनीतिक हलचल के बीच शनिवार शाम बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उनके साथ मंत्री लखेंद्र पासवान भी मौजूद थे। तीनों नेताओं की नीतीश कुमार से करीब आधे घंटे तक मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा लोकभवन भी गए, जहां वे लगभग 30 मिनट तक रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये मुलाकातें महज संयोग नहीं हैं, बल्कि आगामी बड़े सियासी बदलाव का संकेत हैं।

भाजपा कोर कमेटी की बैठक रद्द होने से बढ़ी अटकलें

दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की बैठक का अचानक रद्द होना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कदम ने बिहार की सियासी पहेली को और गहरा कर दिया है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व राज्य में सरकार गठन को लेकर किसी बड़ी रणनीति पर काम कर रहा है। फिलहाल, सभी की निगाहें 13 अप्रैल से शुरू होने वाली इस सियासी प्रक्रिया पर टिकी हैं, जो अगले कुछ दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगी।

  • भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को बिहार विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
  • सीएम आवास पर आज होने वाली बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर चर्चा होगी।
  • 14 अप्रैल को नीतीश कुमार के राज्यपाल को इस्तीफा देने की संभावना है।
  • 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम प्रस्तावित है।