बिहार बोर्ड 12वीं का परिणाम जारी: 85.19% छात्र हुए सफल, कला और वाणिज्य में लड़कियों का दबदबा
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आज, 23 मार्च 2026 को कक्षा 12वीं की इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल 85.19 प्रतिशत अभ्यर्थी सफलता हासिल करने में कामयाब रहे हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्र अब अपना परिणाम देख सकते हैं। खास बात यह रही कि एक बार फिर छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है।
लड़कियों का प्रदर्शन रहा शानदार
इस बार बिहार बोर्ड 12वीं की परीक्षा में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 86.23% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 84.09% दर्ज किया गया। कुल मिलाकर 85.19% अभ्यर्थी सफल हुए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं और उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।
पिछले सात वर्षों का पास प्रतिशत
बिहार बोर्ड ने पिछले सात वर्षों के उत्तीर्णता प्रतिशत का आंकड़ा भी जारी किया है, जो इस प्रकार है:
- 2026: 85.19%
- 2025: 86.50%
- 2024: 87.21%
- 2023: 83.73%
- 2022: 80.15%
- 2021: 78.04%
- 2020: 80.59%
- 2019: 79.76%
पिछले साल 2025 के मुकाबले इस बार पास प्रतिशत में करीब 1.37% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, 2021 और 2022 के मुकाबले स्थिति बेहतर बनी हुई है।
तीनों संकायों का परिणाम जारी
बोर्ड ने विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों का अलग-अलग परिणाम घोषित किया है। वाणिज्य संकाय ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जहां पास प्रतिशत 93.07% रहा। इस संकाय में कुल 27,721 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 25,800 छात्र सफल हुए। इनमें 15,687 छात्र प्रथम श्रेणी, 8,568 द्वितीय श्रेणी और 1,545 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
विज्ञान संकाय में कुल 6,14,710 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें से 5,37,609 छात्र सफल रहे। इस संकाय का पास प्रतिशत 87.46% रहा। यहां 3,04,307 छात्र प्रथम श्रेणी, 2,27,694 द्वितीय श्रेणी और 5,608 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
राज्य स्तरीय टॉपर्स की सूची
बिहार बोर्ड ने तीनों संकायों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों के नाम जारी किए हैं। विज्ञान संकाय में आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंक (96.20%) हासिल कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कला संकाय में निशु कुमारी ने 479 अंक (95.80%) के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि वाणिज्य संकाय में अदिति कुमारी ने 480 अंक (96.00%) के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान अपने नाम किया।
तीनों संकायों में टॉप 5 स्थान हासिल करने वाले कुल 26 परीक्षार्थियों में 19 छात्राएं और 7 छात्र शामिल हैं। विज्ञान संकाय में 6, कला संकाय में 13 और वाणिज्य संकाय में 7 परीक्षार्थी टॉप 5 में शामिल हुए हैं।
रिकॉर्ड समय में जारी हुआ परिणाम
बिहार बोर्ड ने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। इसी का परिणाम है कि करीब 13 लाख से ज्यादा छात्रों का रिजल्ट सिर्फ 25 दिनों में जारी कर दिया गया। यह लगातार आठवां साल है जब बोर्ड ने इतने कम समय में परिणाम घोषित कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
इंटरमीडिएट परीक्षा 13 फरवरी 2026 को समाप्त हुई थी और 27 फरवरी से कॉपियों की जांच शुरू हो गई थी। इस दौरान 69 लाख से ज्यादा उत्तरपुस्तिकाओं और ओएमआर शीट्स की जांच की गई। इतनी बड़ी संख्या में कॉपियों के मूल्यांकन के बावजूद 25 दिनों के अंदर रिजल्ट जारी करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग
बिहार बोर्ड ने अपनी परीक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर इसे और बेहतर बनाया है। इंटरमीडिएट परीक्षा में प्री-प्रिंटेड कॉपियों और ओएमआर शीट (बारकोड और लिथोकोड के साथ) पर छात्रों की फोटो की व्यवस्था की गई। साथ ही, बोर्ड ने नए कंप्यूटरीकृत फॉर्मैट्स बनाए और बारकोड वाली कॉपियों के अंकों को सीधे कंप्यूटर के जरिए मूल्यांकन केंद्रों से दर्ज किया।
सभी विषयों के लिए 10-10 सेट प्रश्नपत्र तैयार किए गए और छात्राओं के लिए पूरे राज्य में 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए। इस साल भी बिहार बोर्ड के टॉपर्स ने अच्छे अंक हासिल किए और कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 85.19% रहा।
मूल अंकपत्र कैसे प्राप्त करें?
बोर्ड की ओर से मूल अंकपत्र और उत्तीर्णता प्रमाणपत्र रिजल्ट जारी होने के 1 से 2 हफ्ते के भीतर संबंधित स्कूल या कॉलेज में भेज दिए जाएंगे। इसे प्राप्त करने के लिए छात्रों को अपने स्कूल जाना होगा, जहां प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर और स्कूल की मुहर के बाद हार्ड कॉपी उन्हें सौंपी जाएगी।