बंगलूरू डेंटल कॉलेज में छात्र आत्महत्या: छह शिक्षक निलंबित

बंगलूरू के एक प्रतिष्ठित डेंटल कॉलेज में 23 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले ने शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। कॉलेज प्रशासन ने इस दुखद घटना के बाद छह शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मामले की गहन जांच पूरी होने तक जारी रहेगी। कॉलेज की ओर से 12 जनवरी को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

निलंबित शिक्षकों की सूची

कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, निलंबित किए गए संकाय सदस्यों में ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ व्याख्याता अनमोल राजदान, शबाना बानू, फाइका कोलकर और अल्बा दिनेश शामिल हैं। इसके अलावा, इसी विभाग की रीडर सिंधु आर और प्रोफेसर सुष्मिनी हेगड़े को भी निलंबित किया गया है।

छात्रा की मौत और परिवार का आरोप

यह कार्रवाई तीसरे वर्ष की दंत चिकित्सा छात्रा यशस्विनी की मौत के बाद की गई है। शुक्रवार को वह अपने आवास पर फांसी के फंदे से लटकी पाई गई थी। मृतका के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि यशस्विनी को कॉलेज में लगातार अपमानित और प्रताड़ित किया जाता था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।

मां ने सुनाई दर्दनाक कहानी

पुलिस के अनुसार, यशस्विनी अपने माता-पिता परिमाला और भुदेवैया की इकलौती संतान थी। मां परिमाला ने बताया कि बुधवार को यशस्विनी ने आंख में दर्द का बहाना बनाकर कॉलेज से छुट्टी ली थी। अगले दिन जब वह कॉलेज लौटी, तो सेमिनार में शामिल न होने के कारण अन्य छात्रों के सामने उसे अपमानित किया गया। मां ने आरोप लगाया कि इसी अपमान के कारण उसने आत्महत्या कर ली।

छात्रों का प्रदर्शन और पुलिस जांच

यशस्विनी की मौत के बाद नाराज छात्रों ने मुर्दाघर के बाहर धरना देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • कॉलेज प्रशासन ने छह शिक्षकों को निलंबित किया
  • निलंबन जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा
  • परिजनों ने लगाए उत्पीड़न के आरोप
  • पुलिस मामले की जांच कर रही है