एपल का सख्त रुख: 18+ एप्स के लिए नई उम्र पुष्टि प्रणाली लागू

टेक्नोलॉजी कंपनी एपल ने दुनिया भर में बढ़ रहे उम्र सत्यापन से जुड़े कानूनों के अनुपालन के लिए नए टूल्स पेश किए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह 18+ रेटिंग वाले एप्लिकेशन के डाउनलोड को लेकर नियमों को और अधिक कठोर बना रही है। यह बदलाव अमेरिका सहित कई अन्य देशों में लागू होगा।

ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में नई शर्तें

तीन प्रमुख देशों – ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर में अब 18+ श्रेणी के एप्स को डाउनलोड करने के लिए उपयोगकर्ताओं को अपनी वयस्कता साबित करनी होगी। यदि कोई यूजर अपनी उम्र की पुष्टि नहीं करता है, तो वह ऐसे एप्स को डाउनलोड नहीं कर पाएगा। एप स्टोर स्वयं ही उम्र की पुष्टि की प्रक्रिया को अंजाम देगा। हालांकि, एप डेवलपर्स को भी अपने स्तर पर स्थानीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा।

‘डिक्लेयर्ड एज रेंज एपीआई’ की भूमिका

एपल ने डेवलपर्स के लिए ‘डिक्लेयर्ड एज रेंज एपीआई’ को अपडेट किया है, जो वर्तमान में बीटा परीक्षण के चरण में है। इस नए टूल की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • डेवलपर्स को उपयोगकर्ता की उम्र की श्रेणी (जैसे 18-25 वर्ष) की जानकारी मिलेगी।
  • उन्हें यूजर की सटीक जन्मतिथि या कोई अन्य व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त नहीं होगी।
  • उम्र की श्रेणी केवल तभी साझा की जाएगी जब उपयोगकर्ता या उसके माता-पिता/अभिभावक इसकी अनुमति देंगे।

कंपनी के अनुसार, यह प्रणाली कई देशों में लागू किए गए नए कानूनों के कारण विकसित की गई है। इन कानूनों के तहत, कुछ एप्स (जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए ही उपलब्ध हो सकते हैं।

ब्राजील में ‘लूट बॉक्स’ वाले गेम्स पर विशेष ध्यान

ब्राजील में, ऐसे गेम्स जिनमें ‘लूट बॉक्स’ की सुविधा है, उनकी आयु रेटिंग को 18+ कर दिया जाएगा। लूट बॉक्स एक ऐसी प्रणाली है जिसमें खिलाड़ी पैसे खर्च करके यादृच्छिक इन-गेम पुरस्कार प्राप्त करते हैं। नीति निर्माताओं का मानना है कि यह प्रणाली जुए के समान है और बच्चों के लिए अनुपयुक्त है।

अमेरिका के यूटा और लुइसियाना में भी बदलाव

अमेरिका के यूटा और लुइसियाना राज्यों में भी नए उपयोगकर्ताओं की आयु श्रेणी डेवलपर्स के साथ एपीआई के माध्यम से साझा की जाएगी। एपल ने यह भी बताया कि उसने आयु रेटिंग और माता-पिता की अनुमति से जुड़े अपने टूल्स को अपडेट किया है, ताकि स्थानीय कानूनों का पूरी तरह से पालन किया जा सके।

माता-पिता की अनुमति और नए संकेत

एपल के आधिकारिक ब्लॉग के अनुसार, अपडेटेड एपीआई अब यह भी संकेत देगा कि क्या किसी उपयोगकर्ता पर उम्र से जुड़े कोई कानूनी नियम लागू होते हैं। यह यह भी बताएगा कि क्या किसी एप के लिए उपयोगकर्ता की आयु श्रेणी साझा करना अनिवार्य है। साथ ही, यह भी स्पष्ट होगा कि बच्चों के लिए किसी बड़े एप अपडेट से पहले माता-पिता की अनुमति लेना आवश्यक है या नहीं।

टेक्सास का मामला अदालत में

एपल ने पिछले वर्ष अक्टूबर में टेक्सास में लागू हुए इसी तरह के कानूनों के अनुरूप कदम उठाए थे। हालांकि, दिसंबर में कंपनी ने अपनी कुछ योजनाओं को रोक दिया, क्योंकि वहां का कानून अदालत में चुनौती का सामना कर रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने पिछले साल अपनी आयु रेटिंग प्रणाली को भी अपडेट किया था, जिसमें पहले से अधिक विस्तृत आयु श्रेणियां जोड़ी गईं और एप सबमिट करते समय डेवलपर्स से अधिक जानकारी मांगी जाने लगी।

इन नियमों का संभावित प्रभाव

इन नए नियमों के लागू होने से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। डेवलपर्स को अपनी सामग्री और एप्स के लिए अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। साथ ही, 18+ सामग्री तक पहुंच सीमित होगी और एप इकोसिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी। कुल मिलाकर, एपल वैश्विक स्तर पर उम्र-पुष्टि नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों की डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।