चीन में एपल का बड़ा कदम: गलती से दिया गया फीचर अपडेट वापस लिया, यूजर्स से माफी
चीन में आईफोन यूजर्स के लिए सोमवार का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट साझा किए कि उनके फोन में iOS 26.4 अपडेट के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित एपल इंटेलिजेंस फीचर आ गया है। यह वही फीचर है जो अक्टूबर 2024 में iOS 18.1 के साथ लॉन्च होने के बाद से चीन में उपलब्ध नहीं था। दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में से एक होने के बावजूद, चीनी उपयोगकर्ता इस तकनीक से वंचित थे।
हालांकि, यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी। कंपनी ने तुरंत इस अपडेट को वापस ले लिया और यूजर्स से माफी मांगी। ब्लूमबर्ग के प्रसिद्ध टेक विशेषज्ञ मार्क गुरमन के अनुसार, यह रोलआउट महज एक तकनीकी गलती थी। एपल के पास अभी चीन में अपने AI फीचर्स लॉन्च करने के लिए आवश्यक सरकारी अनुमति नहीं है।
चीन में एपल इंटेलिजेंस क्यों नहीं पहुंच पा रहा?
चीन में AI सेवाएं लॉन्च करने के लिए विदेशी कंपनियों को स्थानीय नियमों का पालन करना अनिवार्य है। एपल को इसके लिए चीनी कंपनियों के साथ साझेदारी करनी होगी, क्योंकि वहां के कानून विदेशी फर्मों को सीधे AI सेवाएं देने की अनुमति नहीं देते। एक और बड़ी बाधा यह है कि एपल के कई AI फीचर Google पर निर्भर हैं, जबकि Google चीन में प्रतिबंधित है।
इन स्थितियों में कंपनी को एक स्थानीय AI प्रदाता के साथ मिलकर काम करना जरूरी है, ताकि वह चीन के साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CAC) से मंजूरी प्राप्त कर सके। यह प्रक्रिया लंबी और जटिल है, जिसके कारण यह फीचर अब तक चीनी उपयोगकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाया है।
एपल की आधिकारिक प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना
एपल ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कंपनी ने iOS 26.5 का डेवलपर बीटा जारी कर दिया है, लेकिन उसमें भी AI फीचर्स शामिल नहीं हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एपल अपने बड़े AI अपडेट को iOS 27 के साथ लाने की योजना बना रहा है।
यह अपडेट जून 2026 में होने वाले WWDC इवेंट में पेश किया जा सकता है और सितंबर में नए iPhone के साथ रोलआउट होने की संभावना है। फिलहाल कंपनी नई Siri को एक उन्नत AI एजेंट के रूप में विकसित कर रही है, जो एप्स में काम करेगी, वेब सर्च करेगी और पिछले डेटा को याद रखने में सक्षम होगी।
चीनी उपयोगकर्ताओं को एपल इंटेलिजेंस के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। कंपनी अपनी तकनीक को चीन के सख्त कानूनों और नियमों के अनुसार ढालने में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह की गलतियां न हों और फीचर को सही तरीके से लॉन्च किया जा सके।