एपल का नया दांव: कैमरे से लैस एयरपॉड्स ला रहा है एआई क्रांति
एपल अपने एआई-संचालित सिरी को बाजार में उतारने में भले ही धीमी रही हो, लेकिन कंपनी प्रतिस्पर्धियों को एआई हार्डवेयर की दौड़ में आगे नहीं बढ़ने देना चाहती। ताजा जानकारी के मुताबिक, एपल ऐसे एयरपॉड्स विकसित करने के अंतिम चरण में है, जिनमें बिल्ट-इन कैमरे होंगे। यह एपल का पहला ऐसा पहनने योग्य उपकरण हो सकता है, जिसे खासतौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के युग के लिए डिजाइन किया गया है।
सिरी को मिलेंगी ‘आंखें’
इन नए एयरपॉड्स की सबसे बड़ी खासियत उनमें लगे इन-बिल्ट कैमरे हैं, जो सिरी के लिए आंखों की तरह काम करेंगे। दोनों ईयरबड्स में मौजूद ये कैमरे आपके आस-पास के वातावरण का कम-रिज़ॉल्यूशन वाला विजुअल डेटा कैप्चर करेंगे। इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि डिवाइस आसानी से समझ पाएगा कि आपके परिवेश में क्या हो रहा है। इससे सिरी पहले से कहीं अधिक सटीक और स्मार्ट तरीके से मदद कर पाएगी।
चैटजीपीटी जैसा शानदार अनुभव
इन एयरपॉड्स का उपयोग अनुभव काफी हद तक चैटजीपीटी के ‘लाइव विजुअल मोड’ जैसा होने की उम्मीद है, जहां एआई वास्तविक दुनिया को देखकर सवालों के जवाब देता है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपनी रसोई में रखी सब्जियों और मसालों को देख रहे हैं, तो आप सीधे एयरपॉड्स से पूछ सकते हैं कि इन चीजों को मिलाकर कौन सी डिश बनाई जा सकती है। इसके बाद एआई कैमरों के माध्यम से उन सामग्रियों का विश्लेषण करेगा और तुरंत बेहतरीन रेसिपी सुझाएगा। इसके अलावा, यह तकनीक रास्ता खोजने में मदद करने और पहले देखी गई चीजों को याद दिलाने में भी सक्षम होगी।
डिजाइन और लॉन्च में देरी की वजह
डिजाइन की बात करें तो ये एयरपॉड्स काफी हद तक एयरपॉड्स प्रो 3 जैसे ही दिखेंगे, लेकिन कैमरों को फिट करने के लिए इनका स्टेम थोड़ा लंबा हो सकता है। लॉन्च की योजना के अनुसार, एपल इन्हें इसी साल की शुरुआत में ‘मैकबुक नियो’ के साथ उतारना चाहता था। हालांकि, नई और बेहतर सिरी के पूरी तरह तैयार न होने के कारण इसे टालना पड़ा। अब खबरें हैं कि कंपनी इसे सितंबर में लॉन्च कर सकती है और इस नए अवतार वाली सिरी में जेमिनी एआई मॉडल की ताकत देखने को मिल सकती है।
प्राइवेसी का रखा गया है खास ख्याल
कैमरा होने के कारण निजता की चिंता होना स्वाभाविक है। इसे ध्यान में रखते हुए एपल इन एयरपॉड्स में एक छोटी एलईडी लाइट दे रहा है। जब भी विजुअल डेटा प्रोसेसिंग के लिए क्लाउड पर भेजा जाएगा, यह लाइट जल जाएगी। इससे आस-पास के लोगों को पता चल जाएगा कि कैमरे का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, ईयरबड्स छोटे होने के कारण यह लाइट कितनी साफ दिखेगी, यह देखना बाकी है।
अभी किस स्टेज में है टेस्टिंग?
रिपोर्ट्स के अनुसार, एपल पिछले चार वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और फिलहाल इसके परीक्षण चरण जारी हैं। यह डिवाइस अभी ‘डिजाइन वैलिडेशन टेस्टिंग’ (DVT) के दौर में है, जहां एपल के परीक्षक इसके प्रोटोटाइप का उपयोग करके यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हार्डवेयर और इसके फीचर्स ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। इसके बाद यह डिवाइस अपने अंतिम चरण यानी ‘प्रोडक्शन वैलिडेशन टेस्टिंग’ (PVT) में जाएगा, जहां बाजार में उतारने की तैयारी के लिए इसके शुरुआती वर्जन बनाए जाएंगे। हालांकि, अगर इन कैमरों की विजुअल क्वालिटी एपल के कड़े मानकों पर खरी नहीं उतरती है, तो इसकी लॉन्चिंग में और देरी हो सकती है।
एपल का बड़ा एआई प्लान
यह डिवाइस सिर्फ एक अकेला प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि एपल के उस बड़े एआई विजन का हिस्सा है जो भविष्य के गैजेट्स की दिशा तय करेगा। एयरपॉड्स के साथ-साथ कंपनी स्मार्ट ग्लासेस और कैमरे से लैस एक पहनने योग्य पेंडेंट पर भी काम कर रही है, जिन्हें अगले साल तक लॉन्च किया जा सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि एपल विजन प्रो के विपरीत, इन नए एयरपॉड्स या स्मार्ट ग्लासेस में हाथ के इशारों से कंट्रोल करने का फीचर नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, एपल आईफोन के अनुभव को भी पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। इसके तहत आईओएस 27 में सिरी के लिए एक खास ‘कैमरा-बेस्ड मोड’ लाया जा सकता है, जो विजुअल एआई को हमारे उपयोग के केंद्र में ले आएगा।