एपल का नया Siri AI: यूरोप और चीन में लॉन्च न होने की बड़ी वजह

एपल ने हाल ही में अपने वार्षिक डेवलपर कॉन्फ्रेंस WWDC 2026 में एक उन्नत Siri AI पेश किया, जो पिछले संस्करणों की तुलना में कहीं अधिक स्मार्ट और सक्षम बताया जा रहा है। हालांकि, इस नए फीचर को लेकर जहां दुनिया भर के आईफोन यूजर्स उत्सुक हैं, वहीं एपल ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सुविधा फिलहाल यूरोपीय संघ (ईयू) और चीन में उपलब्ध नहीं होगी। इस फैसले से करोड़ों आईफोन यूजर्स को निराशा हाथ लगी है।

चीन में Siri AI के लॉन्च में बाधा

चीन में इस नए Siri AI के न आने की मुख्य वजह वहां के सख्त नियम और कानून हैं। चीनी सरकार के नियमों के अनुसार, कोई भी विदेशी कंपनी एआई सेवाएं प्रदान करने के लिए स्थानीय साझेदार के साथ मिलकर काम करने को बाध्य है। एपल फिलहाल इस दिशा में काम कर रहा है, ताकि वह चीन के कानूनी ढांचे के तहत अपनी सेवा लॉन्च कर सके। इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है, जिसके चलते चीनी उपयोगकर्ताओं को इस सुविधा के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।

यूरोप में क्यों अटका है मामला?

यूरोपीय संघ में स्थिति अधिक जटिल है। यहां एपल और ईयू के बीच डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) को लेकर गहरा मतभेद है। एपल का कहना है कि DMA के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वह आने वाले iOS 27 और iPadOS 27 अपडेट के साथ Siri AI को यूरोपीय आईफोन और आईपैड पर रिलीज नहीं कर पाएगा। कंपनी का आरोप है कि उसने पिछले कई महीनों में यूरोपीय नियामकों को कई विकल्प सुझाए, लेकिन उन पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

दिलचस्प बात यह है कि यह प्रतिबंध केवल आईफोन और आईपैड तक सीमित है। यूरोप में रहने वाले उपयोगकर्ता अपने मैक कंप्यूटर या विजन प्रो हेडसेट पर इस नए Siri AI का उपयोग कर सकेंगे, क्योंकि ये डिवाइस DMA के दायरे में अलग तरीके से आते हैं।

एपल और ईयू के बीच विवाद की जड़

इस पूरे विवाद की नींव यूरोपीय संघ का DMA कानून है। इस कानून के तहत:

  • ईयू की मांग: एपल को अपने Siri AI की सुविधा प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को भी उपलब्ध करानी होगी, ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
  • एपल की चिंता: एपल इस मांग का कड़ा विरोध कर रहा है। कंपनी का तर्क है कि Siri AI को दूसरों के लिए खोलने से यूजर्स की गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसमें यूजर्स के मैसेज पढ़ना, ऑनलाइन भुगतान करना और व्यक्तिगत फाइलों तक पहुंच जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल है।

एपल ने स्पष्ट कहा है कि जब तक यूजर्स की सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक यूरोपीय आईफोन और आईपैड यूजर्स के लिए Siri AI की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। कंपनी अपनी गोपनीयता नीतियों से समझौता करने को तैयार नहीं है।

यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया

ईयू के नियामक एपल के इस फैसले से नाराज हैं। उनका मानना है कि एपल ने नियमों का पालन करने के बजाय सीधे छूट मांगने का रास्ता चुना। ईयू के प्रवक्ता के अनुसार, एपल ने यूरोपीय आयोग से 18 महीने तक DMA के नियमों से छूट मांगी, जबकि उसे नियमों के अनुरूप काम करने का कोई रास्ता तलाशना चाहिए था। इस कानूनी लड़ाई में सबसे अधिक नुकसान आम उपयोगकर्ताओं को उठाना पड़ रहा है, जो इस उन्नत एआई फीचर का लाभ उठाने के लिए अनिश्चितकालीन इंतजार करने को मजबूर हैं।