संवाद 2026: सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी सुनाएंगे सफलता और स्वाद का सफर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 18 और 19 मई को एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। इस बार यह मंच सिर्फ राजनीति और सामाजिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खानपान की दुनिया के एक चमकते सितारे की मौजूदगी से इसकी रौनक और बढ़ जाएगी। देश के जाने-माने सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

एनर्जी शेफ ऑफ इंडिया की पहचान

हरपाल सिंह सोखी को पूरे देश में ‘एनर्जी शेफ ऑफ इंडिया’ और ‘डांसिंग शेफ ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। उनकी खासियत है खाना बनाते समय ऊर्जा का ऐसा संचार कि दर्शक बंधे रह जाते हैं। उनका लोकप्रिय टीवी शो ‘टर्बन तड़का’ दर्शकों के बीच काफी पसंद किया गया। इसके अलावा ‘लाफ्टर शेफ्स’ जैसे शो में भी उन्होंने अपनी मजेदार और अनोखी शैली से लोगों का दिल जीता। खाना बनाते समय उनका मशहूर तकियाकलाम “नमक-शमक, नमक-शमक डाल देते हैं” आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। उनकी यह अनोखी शैली और खाने के प्रति जुनून उन्हें दूसरे शेफ से अलग बनाता है।

स्वाद के साथ संघर्ष की कहानी

अमर उजाला संवाद के मंच पर हरपाल सिंह सोखी सिर्फ पकवानों की बातें नहीं करेंगे, बल्कि अपने जीवन के संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानी भी साझा करेंगे। पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में पले-बढ़े हरपाल सिंह ऐसे परिवार से आते हैं जहां पढ़ाई और सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित करियर माना जाता था। उनके पिता रेलवे में नौकरी करते थे और चाहते थे कि उनके बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर या सरकारी अधिकारी बनें। लेकिन किस्मत ने हरपाल सिंह के लिए कुछ और ही रास्ता चुना था।

आईआईटी में सफलता न मिलने के बाद उन्होंने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई का रास्ता चुना। शुरुआत में परिवार को यह फैसला पसंद नहीं आया, लेकिन बड़े भाई के सहयोग और अपने जुनून के दम पर उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा। बचपन से ही उन्हें खाना बनाने का शौक था। जब पिता घर में मटन या अचार बनाते थे, तब वे उनकी मदद करते थे। यही छोटी-छोटी बातें आगे चलकर उनके करियर की मजबूत नींव बनीं।

ट्रेनी शेफ से लेकर मशहूर चेहरा तक

हरपाल सिंह सोखी ने अपने करियर की शुरुआत एक ट्रेनी शेफ के रूप में की थी। उनके जीवन में एक ऐसा भी पल आया जब उनके पिता ने उन्हें होटल के किचन में बर्तन साफ करते देखा तो भावुक हो गए। उन्हें लगा कि उनका बेटा बहुत मुश्किल परिस्थितियों में काम कर रहा है। लेकिन हरपाल अपने काम को लेकर पूरी तरह समर्पित थे और उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और वे टीवी स्क्रीन पर नजर आने लगे। जब लोग उन्हें पहचानने लगे और उनके पिता को गर्व से कहते थे कि उनका बेटा टीवी पर आता है, तब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

भारतीय खानपान पर खास चर्चा

कार्यक्रम के दौरान हरपाल सिंह सोखी भारतीय फूड कल्चर, पारंपरिक व्यंजनों और आधुनिक खानपान के बीच संतुलन पर विस्तार से चर्चा करेंगे। वे यह भी बताएंगे कि कैसे भारतीय मसालों और पारंपरिक स्वाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उनका सत्र खासतौर पर फूड इंडस्ट्री से जुड़े युवाओं और कुकिंग में रुचि रखने वालों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इस दौरान वे अपने अनुभवों के आधार पर यह भी समझाएंगे कि कैसे एक शेफ अपनी कला को निखार सकता है और अपनी पहचान बना सकता है।

हरपाल सिंह सोखी की यह उपस्थिति न सिर्फ खाने के शौकीनों के लिए बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणादायक होगी जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि अगर जुनून और मेहनत हो तो कोई भी रास्ता मुश्किल नहीं होता।