इबोला के बढ़ते खतरे के बीच भारत सरकार ने लॉन्च किया एयर सुविधा 2.0 पोर्टल
दुनिया भर में इबोला वायरस के प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इबोला को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने के बाद, भारत ने एयर सुविधा 2.0 नामक एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य उन्नत तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए इस खतरनाक वायरस को देश में प्रवेश करने से रोकना है।
कांगो और युगांडा जैसे देशों में इबोला तेजी से फैल रहा है, जहां इस संक्रमण से कई लोगों की जान जा चुकी है। इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तुरंत यह कदम उठाया है। अब भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले इस पोर्टल पर एक ऑनलाइन सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरें।
क्या है एयर सुविधा 2.0 पोर्टल?
एयर सुविधा 2.0 नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा विकसित एक डिजिटल प्रणाली है। यह प्लेटफॉर्म उन सभी यात्रियों के लिए बनाया गया है जो विदेश से भारत आ रहे हैं, चाहे वे भारतीय नागरिक हों या विदेशी। इस पोर्टल पर फॉर्म भरना अब अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि स्वास्थ्य अधिकारियों को यात्रियों की पूरी जानकारी पहले से मिल सके।
फॉर्म में क्या जानकारी देनी होगी?
इस डिजिटल फॉर्म में यात्रियों को अपनी सटीक और पूरी जानकारी प्रदान करनी होगी। इससे सरकार को संभावित जोखिम का आकलन करने में मदद मिलेगी। फॉर्म में निम्नलिखित विवरण भरने होंगे:
- 21 दिनों की यात्रा इतिहास: यात्री को बताना होगा कि वह पिछले 21 दिनों में किन-किन देशों में गया था।
- स्वास्थ्य संबंधी जानकारी: अगर यात्री को बुखार या इबोला से जुड़ा कोई भी लक्षण है, तो उसकी पूरी जानकारी देनी होगी।
- बुनियादी विवरण: इसमें पासपोर्ट नंबर, फ्लाइट नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होगी।
पोर्टल का उपयोग कैसे करें?
यात्रियों को भारत के लिए अपनी फ्लाइट पकड़ने से पहले ही इस ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश हैं:
- समय सीमा: यात्रा शुरू करने से कम से कम 24 घंटे पहले यह फॉर्म भरना अनिवार्य है।
- पोर्टल तक पहुंच: यात्री आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म को एक्सेस कर सकते हैं।
- हवाई अड्डे पर जांच: फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करने के बाद, भारत पहुंचने पर यात्रियों को हवाई अड्डे पर स्वास्थ्य अधिकारी और आव्रजन अधिकारी को यह फॉर्म डिजिटल या प्रिंटेड रूप में दिखाना होगा। इसके बाद ही देश में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
यह तकनीक वायरस को रोकने में कैसे मदद करेगी?
एयर सुविधा 2.0 पोर्टल रियल-टाइम डेटा शेयरिंग के सिद्धांत पर काम करता है। जब कोई यात्री ऑनलाइन फॉर्म भरता है, तो उसकी सूचना सीधे भारतीय हवाई अड्डों के स्वास्थ्य और आव्रजन प्रणाली तक पहुंच जाती है। इस डिजिटल ट्रैकिंग से अधिकारियों को पहले ही पता चल जाता है कि कौन सा यात्री उच्च जोखिम वाले क्षेत्र से आ रहा है।
इस प्रणाली से हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी। संदिग्ध यात्रियों की तुरंत पहचान करके उनकी मेडिकल जांच या स्क्रीनिंग की जा सकेगी। तकनीक का यह प्रभावी उपयोग इबोला को भारत की सीमाओं से दूर रखने में एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकता है।