AIBE 21: अखिल भारतीय बार परीक्षा के आवेदन में संशोधन का सुनहरा अवसर, तीन मई तक खुली रहेगी विंडो
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 21वीं अखिल भारतीय बार परीक्षा (AIBE XXI) के लिए आवेदन पत्रों में सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है, वे अब आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने फॉर्म में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं। यह सुविधा 3 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। उम्मीदवार अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से इस सुधार लिंक तक पहुंच सकते हैं।
शुल्क भुगतान के बाद नहीं बदल सकेंगे ये विवरण
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शुल्क जमा करने के बाद कुछ खास जानकारियों में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। इनमें पंजीकृत मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, दिव्यांग (PWD) श्रेणी, जाति श्रेणी और परीक्षा शहर की प्राथमिकता शामिल हैं। गौरतलब है कि AIBE 21 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 30 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुकी है, जबकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 1 मई 2026 निर्धारित की गई थी।
परीक्षा का उद्देश्य और महत्व
यह परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य कानून के स्नातकों की न्यूनतम योग्यता का आकलन करना है, ताकि वे देश में पेशेवर वकील के रूप में अपनी प्रैक्टिस शुरू कर सकें। यह परीक्षा कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रवेश पत्र और परीक्षा की तारीखें
AIBE 2026 के लिए प्रवेश पत्र 22 मई को जारी किए जाएंगे। वहीं, परीक्षा 7 जून 2026 को आयोजित होगी। यह परीक्षा देशभर के 50 शहरों में स्थित 140 केंद्रों पर ओपन बुक मोड में कराई जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा केंद्र की जानकारी पहले से सुनिश्चित कर लें।
पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न
AIBE-21 परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि साढ़े तीन घंटे होगी। प्रश्नपत्र निम्नलिखित प्रमुख विधि विषयों पर आधारित होगा:
- संविधान
- आपराधिक कानून
- सिविल प्रक्रिया संहिता
- साक्ष्य अधिनियम
- परिवार कानून
- कंपनी कानून
- पर्यावरण कानून
- साइबर कानून
- श्रम कानून
- अन्य प्रमुख विधि विषय
चयन के बाद मिलने वाले लाभ
जो उम्मीदवार इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लेंगे, उन्हें बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रैक्टिस प्रमाणपत्र (Certificate of Practice) प्रदान किया जाएगा। इस प्रमाणपत्र के मिलने के बाद वे देशभर की अदालतों, ट्रिब्यूनल और प्रशासनिक निकायों में वकालत करने के पूरी तरह से पात्र हो जाएंगे।
अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपने आवेदन पत्र में सभी आवश्यक सुधार कर लें। ऐसा करने से भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा या तकनीकी समस्या से बचा जा सकेगा।